दो महीने बाद भी नहीं मिला सिलिंडर
गोपाल ने बताया कि मैंने 23 अप्रैल को सिलिंडर खरीदा था। 12 मई को मैंने सिलिंडर वापस करने गया तो सिलिंडर रखवा लिया, लेकिन पैसे वापस नहीं किए। मैंने रसीदें भी दिखाई। परंतु पैसे सिक्योरिटी राशि वापस नहीं की गई। एक तरफ श्री पारस अस्पताल में दिए सिलिंडर तीमारदारों को वापस नहीं हुए, दूसरी तरफ प्लांट से लाए सिलिंडर के बदले वसूली गई रकम भी पीड़ितों को वापस नहीं की गई।
मधु नगर निवासी 62 वर्षीय रामवती 11 दिन श्री पारस अस्पताल में भर्ती रहीं। पति नत्थीलाल ने बताया कि 26 अप्रैल को ऑक्सीजन खत्म होने की बात कह स्टाफ ने सिलिंडर लाने को कहा। मैंने धोलपुर से एंबुलेंस चालक से छह हजार रुपये में सिलिंडर मंगाया। शाम को पत्नी की मृत्यु हो गई। अस्पताल से खाली सिलिंडर वापस नहीं मिला।
मालवीय कुंज निवासी 58 वर्षीय मीना ग्रोवर की मृत्यु 26 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में हुई थी। उनकी ननद गीतिमा ने बताया कि हमने फतेहाबाद से 12 हजार रुपये में ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाकर अस्पताल में दिया। उसे लगाया नहीं गया। सिलिंडर भी वापस नहीं मिला। अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं होने के कारण मरीजों की मौत हुई हैं।