भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से जन्मभूमि पर मालिकाना हक को लेकर जिला जज की अदालत में दायर वाद में दो संस्थाओं ने पक्षकार बनाने के लिए अपील की है। माथुर चतुर्वेद परिषद और अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने बुधवार को जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किए हैं।
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माथुर चतुर्वेद परिषद के महामंत्री राकेश तिवारी, निरीक्षक संजीव और अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक, उपाध्यक्ष नवीन नागर ने बुधवार को जिला जज साधना रानी ठाकुर की अदालत में अलग-अलग प्रार्थना पत्र दिए। जिनमें कहा गया है कि भगवान श्रीकृष्ण का हमसे बड़ा भक्त कोई नहीं हो सकता। हम ऐसे समाज से जुड़े हैं, जिसका जीवन पंडा व पुरोहितगिरी पर आधारित है। यदि पूर्व में दायर हुए वाद से कोई विवाद होता है तो इसका सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ेगा।
दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र में 1991 में लागू हुए उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम का भी हवाला दिया गया है। कहा है कि यह अधिनियम 15 अगस्त 1947 से लागू माना गया है। जबकि कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह पिछले तीन सौ साल से कायम चली आ रही है। ऐसे में ये वाद इस अधिनियम से बाधित है और दायर ही नहीं किया जा सकता है। दोनों संस्थाओं की ओर से दायर प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि इस मामले में हमें पक्षकार बनाया जाए। माथुर चतुर्वेद परिषद के अधिवक्ता केके अरोड़ा और अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अधिवक्ता रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि अदालत इस मामले में 18 नवंबर को सुनवाई करेगी।