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खराब गुणवत्ता वाले खेल किट की जांच शुरू

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मैनपुरी। शासन के निर्देश पर परिषदीय स्कूलों में छात्रों के लिए खरीदी गई खेल किट की जांच शुरू कर दी गई है। खेल किट की गुणवत्ता पर कई संगठन और शिक्षक सवाल उठा रहे थे। साथ ही उन्होंने इसकी कई बार शिकायत भी की थी। इसको गंभीरता से लेते हुए शासन ने जांच शुरू कराई है। परिषदीय स्कूलों में अप्रैल में 1.36 करोड़ की धनराशि से 2186 स्कूलों में खेल किट की खरीद कराई गई थीं।
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परिषदीय स्कूलों में खेल शिक्षा अनिवार्य होने के बाद खेल सामग्री के लिए निदेशक बेसिक शिक्षा निर्देश दिए थे। इसके लिए प्रत्येक प्राथमिक स्कूल में पांच हजार तथा उच्च प्राथमिक स्कूल में 10 हजार की धनराशि से खेल किट की खरीद कराई जानी थी। खेल किट की खरीद के लिए प्रधानाध्यापक के खाते में धनराशि भेजी गई थी। खेल सामग्री मानक के विपरीत खरीदे जाने की शिकायतें बीएसए सहित आला अफसरों से की गई थीं। अब बीएसए ने मामले की जांच के लिए ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी है।
स्कूलों का भ्रमण कर खेल किट की जांच करेंगे व्यायाम शिक्षक
ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों का भ्रमण कर उन स्कूलों में उपलब्ध खेल किट की जांच करें। खेल सामग्री बच्चों के खेलने लायक है या नहीं। बीएसए ने कहा कि जहां खेल सामग्री मानक के अनुसार नहीं खरीदी गई है, उनकी सूची तैयार कर व्यायाम शिक्षक जिला व्यायाम शिक्षक को उपलब्ध कराएं, जिससे संबंधित प्रधानाध्यापक की जांच कराकर कार्रवाई की जा सके।
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खंड शिक्षाधिकारियों ने लिया था ठेका
खेल किट खरीद के दौरान ही खंड शिक्षाधिकारियों की शिकायत हुई थीं। आरोप है कि खंड शिक्षाधिकारियों ने कार्यदायी संस्था से सांठगांठ कर घटिया खेल सामग्री की खरीद के लिए प्रधानाध्यापकों पर दबाव बनाया। अब जब जांच शुरू होने जा रही है तो खंड शिक्षाधिकारी तो बच जाएंगे, लेकिन प्रधानाध्यापक कार्रवाई के दायरे में आएंगे। वहीं, प्रधानाध्यापकों ने खंड शिक्षाधिकारियों के दबाव में घटिया मानक की किटें खरीदी हैं।
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