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Agra: सपा नेताओं में तकरार...कार्यकर्ता ने दर्ज कराया पूर्व जिलाध्यक्ष पर केस, जान से मारने की धमकी का आरोप

Thu, 17 Jul 2025 05:42 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

पीड़ित का कहना है कि वह जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारी कर चुके हैं। इससे रामसहाय यादव और उनके साथी रंजिश मान रहे हैं। उनको आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं। धमकी से वो दहशत में हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में थाना ताजगंज में कार्यकर्ता सत्यभान यादव ने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव समेत चार लोगों पर केस दर्ज कराया है। इसमें जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज, फोन पर हत्या की धमकी और मारपीट का आरोप लगाया गया है।
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पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी। उनका कहना है कि राजनीतिक दावेदारी में उन्हें धमकाया जा रहा है। इससे परिवार दहशत में है। गांव बुढ़ाना, ताजगंज निवासी सत्यभान यादव की ओर से दर्ज कराए केस के मुताबिक पिछले पांच दिन से लगातार व्हाट्सएप काॅल आ रही थी। उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। 8 जुलाई को शाम 5:16 बजे और 12:39 बजे काॅल आई।

इसके बाद सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव, उनके भाई ग्राम प्रधान लखेंद्र यादव, संदीप यादव व पवन कुमार ने गालियां दी। जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। रामसहाय यादव और लखेंद्र यादव ने कहा कि घर से निकलते ही गोली मार दी जाएगी। पूरे घर को बर्बाद कर देंगे।
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10 जुलाई की शाम चार अज्ञात युवकों ने खेत पर पकड़ लिया। उन्होंने पिटाई की। कहने लगे कि रामसहाय यादव के सामने राजनीति करेगा तो जान से मारा जाएगा। वो जैसे-तैसे अपनी जान बचा सके। आरोपियों ने पुलिस को सूचना देने पर धमकी दी थी। इस कारण तत्काल थाने नहीं गए। अब पुलिस को घटनाक्रम के बारे में बताया है।

पीड़ित का कहना है कि वह जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारी कर चुके हैं। इससे रामसहाय यादव और उनके साथी रंजिश मान रहे हैं। उनको आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं। धमकी से वो दहशत में हैं। परिवार के लोग अकेले नहीं जाने दे रहे हैं। एसीपी ताजगंज सैयद अरीब अहमद ने बताया कि धमकी देने के मामले में साक्ष्य संकलन किया जाएगा। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

‘आरोपों में सच्चाई नहीं’
पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव ने बताया कि आरोपों में किसी तरह की सच्चाई नहीं है। सत्यभान यादव से उनका कोई लेना-देना नहीं है। आरोपों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं है। जिन लोगों को नामजद किया गया है कि पुलिस उनकी जांच कर लोकेशन भी देख सकती है। राजनीति के उद्देश्य से केस लिखा गया है। इस संबंध में कोर्ट जाएंगे। मानहानि का दावा ठोकेंगे। बिना जांच के केस दर्ज किया गया है।

 
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