समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उपचुनाव के परिणाम ने लोकसभा 2024 के चुनाव का बिगुल बजा दिया है। भोगांव ने समाजवादी पार्टी को रिकॉर्ड मतों से जीत दिलाकर सारा गणित फेल कर दिया। विपक्षी पार्टी के सारे समीकरणों को कार्यकर्ताओं ने सरकारी गुंडागर्दी के आगे ध्वस्त करके साबित कर दिया कि प्रताड़ना के आगे उन्हें मत देने से कोई नहीं डरा सकता है। अखिलेश शनिवार को यहां आभार व्यक्त कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने आतंक मचाया। कुछ कार्यकर्ता दूसरे घरों में सोकर भी मत डालने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचे ही नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचाते हुए जमकर मतदान कराया। कुछ कार्यकर्ताओं को जेल तक भेजा गया। जिसके बाद भी समाजवादी पार्टी ने उपचुनाव रिकॉर्ड मतों से जीता। सपा को सभी वर्गों और जातियों ने अपना प्यार मतदान के जरिए दर्शाया है। हम उनका हाथ जोड़कर सम्मान यथावत बनाए रखेंगे। प्रचंड जीत के बाद भी सपा पर किसी भी तरह का आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार को महंगाई की कोई फिक्र नहीं है। महंगाई के चलते घरों का बजट बिगड़ गया है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, किसान परेशान हैं। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को तैल चित्र सहित प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य, जगदीश सिंह जाटव, कामता सिंह यादव, केसी यादव, तोताराम यादव, खुमान सिंह वर्मा, एएच हाशमी, कृष्णादास लोधी, रश्मी राजपूत, अकबर कुरैशी, अनिलेश पाल, जयसिंह कश्यप, विद्याराम यादव, अभिलाख सिंह राजपूत, धनवेश यादव, मेहरबान सिंह यादव, अहमद अली, तौसीफ खान, कुंवर आदिल, डॉ. अनुपमा यादव, उवैश रशीद, भोला यादव, सुखवीर सिंह, पप्पू यादव, डॉ. विजय यादव, गोपालदास लोधी, राजेश यादव, संजय यादव मौजूद रहे।
कार्यकर्ता के सम्मान की खातिर सब कुछ होगा : डिंपल
नवनिर्वाचित सांसद डिंपल यादव ने कहा कि उनकी रिकॉर्ड जीत नेताजी मुलायम सिंह के सम्मान की जीत है। लोगों ने नेताजी की नीतियों में आस्था जताई है। नेताजी ने मैनपुरी से जो रिश्ता बनाया वह बरकरार रहेगा। कार्यकर्ता के सम्मान की खातिर सब कुछ किया जाएगा। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मैनपुरी सपा की थी अभी भी है और आगे भी रहेगी। पूर्व सांसद तेजप्रताप सिंह यादव ने कहा कि मैनपुरी में सपा से भाजपा नहीं सरकार, अधिकारी, पुलिस ने मिलकर चुनाव लड़ा।