. पीएम मोदी का पुतला फूंका, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
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नोटबंदी को लेकर समाजवादी पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ खुलकर सड़क पर उतर आई है। पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीएम का पुतला फूंककर इस आदेश को तुगलकी फरमान बताया। साथ ही मजदूरों पर अत्याचार का आरोप लगाया। हालांकि इस दौरान सपाई खुद दो खेमों में बंटे नजर आए।
समाजवादी पार्टी मजदूर सभा के बैनर तले धौलपुर हाउस स्थित महानगर कैंप कार्यालय से समाजवादियों ने पैदल मार्च शुरू किया। रावली पुल होते हुए प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुुंचे। मुख्य गेट के सामने एमजी रोड पर लगभग 20 मिनट तक केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नोटबंदी का विरोध करते हुए कार्यकर्ता रोड जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने रोड पर ही धरना दे दिया। प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। ज्ञापन देने के लिए प्रदर्शनकारी डीएम कार्यालय के सामने पहुंच गए। सपाइयों ने यहां भी धरना दिया। इस दौरान महानगर अध्यक्ष रईसउद्दीन ने कहा कि 1000-500 के नोट बंद करके केंद्र सरकार ने मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। तमाम उद्योग, व्यापार, फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। इससे मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं। प्रभारी विपुल विरोहित ने कहा कि पीएम का यह फैसला जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला है। इसकी वजह से आम लोगों को परेशानी भुगतनी पड़ रही है। प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट संदीप गुप्ता को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सभा के महानगर अध्यक्ष प्रीतम सिंह यादव, श्याम भोजवानी, चंद्रसेन टपलू, जयपाल यादव, राहुल चतुर्वेदी, मुकेश यादव, मुनेंद्र जादौन, गिरीश यादव, विमल जैन, सौरभ गुप्ता, निर्वेश शर्मा, रिजवानउद्दीन आदि मौजूद थे।
इससे पहले जिला इकाई ने जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी से दिहाड़ी मजदूरों पर काफी असर पड़ा है। वे बेरोजगार हो गए हैं। कालेधन की लड़ाई में मजदूर पिस रहा है। प्रदर्शनकारी साईं की तकिया से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इस दौरान मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष शाहिद खान, उदल सिंह कुशवाह, पिंकी त्यागी, गीता शाक्य, शाहनवाज अख्तर, लक्ष्मी नारायण आदि मौजूद थे।