जेल में महिला से मिलता रहा
सपा नेता ने शपथ पत्र दिया कि पूजा के केस के संबंध में पैरवी कर रहा हूं। वह जेल में भी पूजा से मिलता रहा। 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने पूजा को जमानत दे दी। जमानत के लिए विकास यादव ने दो जमानतदार लगाए थे। 15 फरवरी को पूजा जेल से रिहा हो गई थी।
वादी की ओर से कोर्ट में जमानतदार फर्जी होने की शिकायत की गई थी। इस पर कोर्ट ने जांच कराई। जांच में जमानतदार फर्जी पाए गए। कोर्ट ने 24 अगस्त को जमानत निरस्त कर पूजा उप्रेती को जेल भेज दिया। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है साक्ष्य संकलन किया जाएगा। आरोपी ने जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज का प्रयोग किया था। मामले में कार्रवाई की जाएगी।
सादाबाद थाना और तहसील से दी गई थी रिपोर्ट
अधिवक्ता राजन लाल ने बताया कि विकास यादव ने जमानत के लिए सादाबाद के सहपऊ के जमानतदार के दस्तावेज लगाए थे। जमानतदारों के फर्जी होने की शिकायत मिलने पर कोर्ट ने सत्यापन कराया। इसमें पता चला कि जिस नाम और पते के लोगों के दस्तावेज लगाए थे, उस नाम और पते के व्यक्ति नहीं मिले। इस संबंध में थाना और तहसील सादाबाद की ओर से रिपोर्ट दी गई थी। इसके बाद ही कोर्ट ने कार्रवाई के निर्देश दिए।