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Agra: सपा नेता ने जेल में बंद महिला की जमानत के लिए लगाए फर्जी दस्तावेज, मुकदमा दर्ज

Thu, 01 Sep 2022 06:13 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

सपा नेता विकास यादव जेल भेजी गई महिला के पक्ष में पैरवी कर रहा था। उसने महिला की जमानत के लिए दो जमानतदार लगाए। वादी पक्ष की शिकायत पर जांच हुई तो पूरा मामला खुल गया। 
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न्यू आगरा थाने में दर्ज हुआ है मुकदमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में जेल गई महिला की जमानत के लिए सपा नेता ने फर्जी दस्तावेज लगा दिए। वादी की शिकायत पर हुई जांच में मामला खुल गया। मामले में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज किया गया है। जमानत पर बाहर आई अभियुक्त महिला को जेल भेज दिया गया है। 

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मुकदमा अधिवक्ता राजन लाल ने दर्ज कराया है। इसमें पूजा उप्रेती और लवकुश विहार कॉम्प्लेक्स निवासी विकास यादव को नामजद किया है। अधिवक्ता ने बताया कि पूजा के खिलाफ वर्ष 2021 में पति कृष्ण दत्त उप्रेती ने धोखाधड़ी और कूट रचित दस्तावेज सहित अन्य धाराओं में थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराया था। 

मामले में 27 जुलाई 2021 को पूजा जेल गई थी। मुकदमा सिविल जज जूनियर डिवीजन चतुर्थ की अदालत में मुकदमा विचाराधीन है। अधिवक्ता राजन लाल वादी कृष्ण दत्त की तरफ से केस में पैरवी कर रहे हैं। कोर्ट से पूजा की जमानत खारिज होने पर सपा नेता विकास यादव ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। 

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जेल में महिला से मिलता रहा 

सपा नेता ने शपथ पत्र दिया कि पूजा के केस के संबंध में पैरवी कर रहा हूं। वह जेल में भी पूजा से मिलता रहा। 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने पूजा को जमानत दे दी। जमानत के लिए विकास यादव ने दो जमानतदार लगाए थे। 15 फरवरी को पूजा जेल से रिहा हो गई थी।
 
वादी की ओर से कोर्ट में जमानतदार फर्जी होने की शिकायत की गई थी। इस पर कोर्ट ने जांच कराई। जांच में जमानतदार फर्जी पाए गए। कोर्ट ने 24 अगस्त को जमानत निरस्त कर पूजा उप्रेती को जेल भेज दिया। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही के निर्देश दिए थे।

थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है साक्ष्य संकलन किया जाएगा। आरोपी ने जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज का प्रयोग किया था। मामले में कार्रवाई की जाएगी।

सादाबाद थाना और तहसील से दी गई थी रिपोर्ट

अधिवक्ता राजन लाल ने बताया कि विकास यादव ने जमानत के लिए सादाबाद के सहपऊ के जमानतदार के दस्तावेज लगाए थे। जमानतदारों के फर्जी होने की शिकायत मिलने पर कोर्ट ने सत्यापन कराया। इसमें पता चला कि जिस नाम और पते के लोगों के दस्तावेज लगाए थे, उस नाम और पते के व्यक्ति नहीं मिले। इस संबंध में थाना और तहसील सादाबाद की ओर से रिपोर्ट दी गई थी। इसके बाद ही कोर्ट ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
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