'पंचायत चुनाव में सिंबल देना है मुश्किल'
प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि पंचायत चुनाव में किसी पार्टी के लिए सिंबल देना मुश्किल है। क्योंकि चुनाव की घोषणा के दस दिनों के अंदर बैलेट पेपर छपना मुश्किल है। चुनाव में लाखों बैलेट पेपर चाहिए होते हैं और इसे चुनाव आयोग पहले ही प्रिंट करा लेता है।
'प्रसपा का जनाधार ही नहीं बचा'
प्रो. रामगोपाल यादव ने प्रसपा (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी) से गठबंधन पर कहा कि जिनका जनाधार ही नहीं बचा है उन पर टिप्पणी करने से कोई फायदा नहीं। प्रसपा के सभी प्रत्याशियों की जमानत पिछले चुनाव में जब्त हो चुकी है। किसी भी पार्टी से गठबंधन भविष्य में रणनीति बनाकर तय होगा।