आगरा। न्यू आगरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित गौरव गुप्ता अपहरण और हत्याकांड में अदालत ने 15 साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम पुष्कर उपाध्याय ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर सपा नेता नितिन कोहली और विकास छाबड़ा को बरी कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले के अन्य दो आरोपी सपा नेत्री शम्मी कोहली और मोहित भारद्वाज की मुकदमे के दौरान पहले ही हत्या हो चुकी है।
अभियोजन के अनुसार शुभम एनक्लेव, नटराजपुरम निवासी राकेश गुप्ता ने 25 फरवरी 2010 को न्यू आगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उसी शाम करीब सात बजे उनका पुत्र गौरव गुप्ता घर के बाहर खड़ा था। तभी सपा नेत्री शम्मी कोहली, उनका पुत्र नितिन कोहली, मोहित भारद्वाज और विकास छाबड़ा गोल्डन रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे और गौरव को जबरन कार में बैठाकर ले गए। देर रात तक गौरव के वापस नहीं लौटने पर उनकी तलाश की गई। मुगल रोड पर धर्मवीर और मोंटू ने बताया कि उन्होंने गौरव को आरोपियों के साथ जाते देखा था। 26 फरवरी 2010 की सुबह मुगल रोड स्थित भूड़ के बाग के पास गौरव का शव मिला। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नितिन कोहली की पत्नी प्रीति कोहली को लेकर चली आ रही रंजिश के चलते पहले भी आरोपियों ने गौरव के साथ मारपीट और घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। इस मामले में शम्मी कोहली, नितिन कोहली, मोहित भारद्वाज और विकास छाबड़ा के खिलाफ अपहरण और हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतक के पिता राकेश गुप्ता, भाई नितिन गुप्ता और अमित गुप्ता, स्वतंत्र गवाह राजीव खुराना और धर्मवीर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अशोक कुमार यादव, एसएफएल वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार, उपनिरीक्षक बिजेंद्र सिंह, तत्कालीन विवेचक डिप्टी एसपी बलधारी सिंह, डिप्टी एसपी विनोद कुमार आर्य, डॉ. चंद्र प्रकाश तथा उपनिरीक्षक अवधेश कुमार सहित कई गवाहों के बयान कराए। अदालत ने पाया कि मृतक के पिता, दोनों भाइयों और स्वतंत्र गवाहों ने अपने पूर्व बयानों का समर्थन नहीं किया। कुछ गवाहों ने पुलिस के दबाव में शपथपत्र देने की बात भी कही। आरोपियों की ओर से अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। साक्ष्य के अभाव में अदालत ने नितिन कोहली और विकास छाबड़ा को बरी करने के आदेश दिए।
बस में घुसकर की गई थी शम्मी कोहली की हत्या
सपा नेत्री शम्मी कोहली की 13 मार्च 2012 की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह आगरा से बस में सवार होकर लखनऊ जा रही थीं। कानपुर देहात के सिकंदरा क्षेत्र में देर रात करीब दो बजे बस एक ढाबे पर रुकी थी। इसी दौरान दो हमलावर बस में घुसे और सो रही शम्मी कोहली पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उनके पेट में तीन और सिर में एक गोली लगी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस हिरासत में ट्रेन के अंदर मारा गया था मोहित भारद्वाज
गौरव गुप्ता हत्याकांड का आरोपी मोहित भारद्वाज 1 अक्टूबर 2012 को पुलिस अभिरक्षा में श्रीधाम एक्सप्रेस से अदालत में पेशी के बाद आगरा सेंट्रल जेल लाया जा रहा था। मथुरा के बाद क्षेत्र के पास चलती ट्रेन में छह हमलावरों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। फायरिंग में मोहित भारद्वाज की मौत हो गई, जबकि एस्कॉर्ट में तैनात सिपाही फैज मोहम्मद भी मारे गए। पुलिस के अनुसार मोहित भारद्वाज, शम्मी कोहली हत्याकांड का भी आरोपी था।