समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान आज एक स्कूल के कार्यक्रम में आज शिरकत करने आये थे। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर तंज कसा।
आजम खान ने कहा कि जब दिल्ली में संतो का सम्मेलन हुआ था, उसमें ये कहा गया था संघर्ष नहीं संग्राम होगा। हमने निवेदन किया था कि हम संग्राम में कही नहीं है, हम 6 दिसंबर 1992 को संग्राम में नहीं थे आज भी हम संग्राम में शामिल नहीं है।
हमने तब भी कहा था कि कानून का एहतराम करो और आज भी कहते हैं 6 दिसम्बर को कानून का कितना एहतराम हुआ यह पूरी दुनिया जानती है। 6 दिसंबर को कानून भी ताकत के सामने बहुत छोटा हो जाता है और तभी से तानाशाही की शुरुआत होती है।
अभी फिर कहा गया कि लाखो लोग जमा होंगे, दिल्ली में मेरी गुजारिश है कि राम मंदिर अयोध्या में बनाने की बात चल रही है दिल्ली में नहीं, यदि दिल्ली में बनाने की बात है तो ठीक है लेकिन अगर राम मंदिर अयोध्या में बनना है तो यह जमावड़ा अयोध्या में होना है, उन सारे लोगों को अयोध्या जाना चाहिए।
हां, अगर एजेंडा चुनाव का है तो यह जमावड़ा दिल्ली में सही है, यह होना चाहिए। अगर चुनाव के लिए है सिंबल है तो हमे कोई एतराज नहीं। समाजवादी पार्टी समाजवादी पार्टी तो एक ही है अब अगर कोई दूसरी तीसरी चौथी या बन गई है तो उसकी अलग बात है। समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एक ही अखिलेश यादव हैं।
आजम खान ने जम्मू कश्मीर पर कहा कि देखिए आज गवर्नर साहब ने कहा कि यह चुनाव पार्लियामेंट के साथ होगा। अब आप उनकी नीयत देख लीजिए, अच्छा होता कि चुनाव की तारीख घोषित कर दें। लोकतंत्र को बचाये, अगर कुछ अनर्थ करना है तो उन्हें इसका हक हासिल है। उन्होंने शिवपाल यादव पर कहा कि मैं भी ऐसे ही सोचता हूं कि मेरे बिना सरकार नहीं बनेगी। किसी के सोचने पर कोई ताला नहीं लगा सकता।
आजम खान कहते है कि मंदिर कैसे बनेगा सुप्रीम कोर्ट में इस पर बहस चल रही है, हम अदालत को मानते हैं लेकिन अगर अदालत के फैसले के पहले ही यदि कोई काम करता है तो उसमें कोई गुरेज ही नहीं होना चाहिए और जिस हिसाब से राम जानकी रथ निकला, वो माहौल नही बनना चाहिए।