आगरा के थाना मंटोला के घनी आबादी वाले टीला नंदराम में शनिवार को सोल पर रंग करने वाली फैक्टरी में आग लगने की घटना बड़ी मात्रा में केमिकल भंडारण की वजह से हुई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। अवैध तरीके से भंडारण किया गया था। संचालक की ओर से न तो फायर का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), न ही भंडारण से संबंधित लाइसेंस दिखाया गया है। अब पुलिस ने संचालक के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी की है।
पुलिस की जांच में पता चला कि फैक्टरी की जमीन के मालिक मंटोला निवासी मोहम्मद रफी हैं। वह हाजी अनवार के भतीजे हैं। उन्हें बुलाया गया था। हाजी अनवार आए थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में जुगनू को किराये पर फैक्टरी दी थी। इसके लिए छह हजार रुपये किराया ले रहे थे। जुगनू सामने नहीं आया है। आग से मोहम्मद रफी का भी काफी नुकसान हुआ है।
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि आग से बचाव के लिए फैक्टरी में कोई इंतजाम नहीं था। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि फैक्टरी में शटर बंद करके केमिकल के ड्रम रखे गए थे। उसके बराबर में एक छोटा रास्ता था। इससे कर्मचारी निकलते थे। इसके अलावा फैक्टरी में ही दो कार, एक स्कूटी और साइकिल भी खड़ी थीं।
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पुलिस ने सोल फैक्टरी में आग का कारण बने केमिकल के बारे में पता करने के लिए आसपास के दुकानदारों से जानकारी लेने की कोशिश की। मगर, दुकानदार कुछ भी बताने के लिए राजी नहीं हुए। ज्यादातर दुकानदार शटर बंदकर खिसक गए। इससे आशंका है कि फैक्टरी से ही दुकानदार भी केमिकल लेते रहे होंगे। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि फैक्टरी को विभाग की ओर से कोई एनओसी नहीं दी गई है। घनी आबादी में फैक्टरी थी। इस कारण केमिकल रखने के लिए एनओसी नहीं दी जा सकती। मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।