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सोल फैक्टरी अग्निकांड: घनी आबादी में केमिकल के भंडारण पर दर्ज होगा केस, ये निर्देश हुए जारी

Mon, 03 Apr 2023 08:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

सोल फैक्टरी में इतना केमिकल होगा किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था। टीला नंदराम में हुए इस अग्निकांड के बाद प्रशासन ने घनी आबादी में केमिकल का भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है।  
 
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फैक्टरी में आग लगने के बाद निकलता धुआं, मौजूद लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के थाना मंटोला के घनी आबादी वाले टीला नंदराम में शनिवार को सोल पर रंग करने वाली फैक्टरी में आग लगने की घटना बड़ी मात्रा में केमिकल भंडारण की वजह से हुई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। अवैध तरीके से भंडारण किया गया था। संचालक की ओर से न तो फायर का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), न ही भंडारण से संबंधित लाइसेंस दिखाया गया है। अब पुलिस ने संचालक के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी की है।

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टीला नंदराम में आबादी के बीच सोल फैक्टरी अशोक नगर निवासी जुगनू चला रहे थे। शनिवार दोपहर अग्निकांड में एक कर्मचारी झुलस गया था। बाकी भाग गए थे। छह घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। आठ दमकल लगाने पड़े। पड़ोस के मुंडा पाड़ा बस्ती के मकानों को खाली कराना पड़ा था। रात भर एक दमकल रोकी गई थी। धुआं निकलने पर आग बुझाई गई।

थाना मंटोला के प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि फैक्टरी में ड्रमों में ज्वलनशील केमिकल और थिनर रखे थे। चार ड्रमों के तले ही बचे मिले हैं। ये करीब 200-200 लीटर के हैं। अनुमान है कि एक हजार लीटर से अधिक ज्वलनशील केमिकल रखा था। अवैध तरीके से केमिकल भंडारण के साक्ष्य मिले हैं। संचालक से फायर एनओसी के साथ लाइसेंस मांगा गया था। मगर, उन्होंने लाइसेंस नहीं दिखाया। फैक्टरी से कई और लोग केमिकल लेकर जाते हैं।
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छह हजार रुपये किराया

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पुलिस की जांच में ये पता चला

पुलिस की जांच में पता चला कि फैक्टरी की जमीन के मालिक मंटोला निवासी मोहम्मद रफी हैं। वह हाजी अनवार के भतीजे हैं। उन्हें बुलाया गया था। हाजी अनवार आए थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में जुगनू को किराये पर फैक्टरी दी थी। इसके लिए छह हजार रुपये किराया ले रहे थे। जुगनू सामने नहीं आया है। आग से मोहम्मद रफी का भी काफी नुकसान हुआ है।

नहीं था अलग रास्ता

पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि आग से बचाव के लिए फैक्टरी में कोई इंतजाम नहीं था। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि फैक्टरी में शटर बंद करके केमिकल के ड्रम रखे गए थे। उसके बराबर में एक छोटा रास्ता था। इससे कर्मचारी निकलते थे। इसके अलावा फैक्टरी में ही दो कार, एक स्कूटी और साइकिल भी खड़ी थीं।

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दुकानदार भी भाग गए

पुलिस ने सोल फैक्टरी में आग का कारण बने केमिकल के बारे में पता करने के लिए आसपास के दुकानदारों से जानकारी लेने की कोशिश की। मगर, दुकानदार कुछ भी बताने के लिए राजी नहीं हुए। ज्यादातर दुकानदार शटर बंदकर खिसक गए। इससे आशंका है कि फैक्टरी से ही दुकानदार भी केमिकल लेते रहे होंगे। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।

नहीं थी फायर विभाग की एनओसी

मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि फैक्टरी को विभाग की ओर से कोई एनओसी नहीं दी गई है। घनी आबादी में फैक्टरी थी। इस कारण केमिकल रखने के लिए एनओसी नहीं दी जा सकती। मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।

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