आगरा। मौसम बदलने से अस्थमा मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। धूल-धुआं के कारण सीने में जकड़न हो रही है। इससे मरीजों को दवाओं की डोज बढ़ानी पड़ रही है। ठंडी सामग्री खाने से गले में खराश, जुकाम-खांसी की दिक्कत हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे हैं। एसएन में सोमवार को ओपीडी में 3840 मरीज पहुंचे।
डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि वक्ष एवं क्षय रोग विभाग की ओपीडी में 286 मरीज आए। इसमें 211 नए और 75 फॉलोअप वाले मरीज रहे। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। इससे धूल-धुआं से अस्थमा मरीजों को दिक्कत हो रही है। ओपीडी में ऐसे 12 फीसदी मरीज रहे, जिन्होंने दवाएं बंद कर दी थी लेकिन मौसम बदलने से सूखी खांसी, एलर्जी की दिक्कत होने लगी। सांस के मरीजों में सीने में जकड़न मिल रही है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. पंकज कुमार ने बताया कि बुखार, खांसी, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की संख्या अधिक है। शादी में आइसक्रीम समेत ठंडी सामग्री खाने से गले में खराश के साथ दर्द भी हो रहा है। तेज बुखार की स्थिति भी बन रही है। मौसम बदलने से अस्थमा से पीड़ित बच्चों की दिक्कत बढ़ गई है।
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मारामारी से मरीज हुए परेशान
एसएन की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। पर्चा, दवा और जांच के लिए मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। धक्का-मुक्की और मारामारी भी झेलनी पड़ी। डौकी के दिनेश सिंह ने बताया कि पिताजी को खांसी-सीने में जकड़न महसूस होने पर एसएन में दिखाने आए थे। डेढ़ घंटे में पर्चा बन पाया और डॉक्टर को दिखाने में घंटे भर का समय लगा।
इन बातों का रखें ध्यान:
- बच्चों को आइसक्रीम समेत ठंडी सामग्री न खाने-पीने दें।
- अस्थमा-सांस रोगियों ने दवाएं बंद कर रखी हैं तो डॉक्टर को दिखाएं।
- अभी एक लेयर गर्म कपड़े जरूर पहनकर रखें। बच्चों को भी पहनाएं।
- धूल-धुआं और प्रदूषित क्षेत्रों में जाते समय मास्क लगाकर जाएं।