कारगिल युद्घ में बलिदान देने वाले सोरन सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते परिजन व अन्य
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कारगिल युद्ध में भारत की जीत विजय दिवस की 20वीं सालगिरह से पहले मंगलवार को शहीद सोरन सिंह को याद किया। शहीद की शहादत को नमन करते हुए नगला उम्मेद की नगरिया स्थित शहीद सोरन सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए गए।
20 साल 28 दिन पहले गोवर्धन तहसील क्षेत्र के छोटे से मजरे नगला उम्मेद की नगरिया के रहने वाले सोरन सिंह ने दुर्गम पहाड़ियों में दुश्मन के ऊंचाई पर होने के बाद भी दुश्मन को ललकारते हुए दस गोलियां खाई थीं।
वह अंतिम सांस तक लड़े और नापाक मंसूबों को लेकर आए पाक घुसपैठियों को मार गिराया। सीनियर होने के कारण जाट रेजीमेंट में सबसे आगे चलते थे। नगला उम्मेद की नगरिया के रहने वाले किसान अर्जुन सिंह के पुत्र सोरन सिंह का जाट रेंजीमेंट सेना में सन 1990 में चयन हुआ था। उनकी नागालैंड से लेकर पिथौगढ़ जैसे दुर्गम स्थानों पर पोस्टिंग रही। इसके बाद वे कारगिल की पहाड़ियों में भेजे गये।