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कारोबारी बेटों ने किया ऐसा सलूक, मां ने सपने में भी नहीं सोचा था, रुला देगी दुखभरी कहानी

Sun, 03 Nov 2019 03:31 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बुजुर्ग मां - फोटो : अमर उजाला
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जिन बेटों की खुशी और तरक्की के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, उनके लिए आज बूढ़े माता-पिता बोझ बन गए। आगरा में कारोबारी बेटों ने बूढ़े माता-पिता को घर से बाहर निकालकर दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया। कलयुगी बेटों की करतूतों से बेघर हुए बूढ़े मां-बाप शनिवार को जब रामलाल वृद्ध आश्रम पहुंचे, तो वे फफक फफक कर रो पड़े।   
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रामलाल वृद्धा आश्रम में शनिवार को तीन वृद्ध अपने बेटों द्वारा घर से निकाले जाने के बाद आश्रम में आश्रय लिया। दयालबाग निवासी मक्खन लाल अग्रवाल और पत्नी कमलेश अग्रवाल ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। सोने चांदी का कारोबार है। 

बेटों के पास पैसे की भी कोई कमी नहीं है। दोनों बेटों के दो मकान और चार दुकानें हैं, लेकिन मां बाप के लिए घर में जगह नहीं है। यह बताते हुए कमलेश रोने लगी। कहा कभी सोचा न था कि ऐसा भी दिन देखना पड़ेगा। 
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नहीं थम रहे बुजुर्ग दंपती के आंसू

जिन बेटों के लिए इतनी उम्मीद के साथ घर बनाएं। काराबोर खड़ा किया आज उन्हीं बेटों ने जीवन के अंतिम पड़ाव में बेसहारा छोड़ दिया।  यह सोच कर बुजुर्ग दंपती की आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। 

बेटों ने ऐसा किया जो कभी सपने में भी नहीं सोचा था। वहीं कभी दो मंजिला घर के मालिक अलीगढ़ निवासी नारायण अग्रवाल को बेटों ने प्रताड़ित किया और कह दिया कि कहीं भी जाओ, इस घर में अब उनके लिए कोई जगह नहीं है। मजबूरी बस आश्रम में रहने के लिए आना पड़ा। 
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