जिन बेटों की खुशी और तरक्की के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, उनके लिए आज बूढ़े माता-पिता बोझ बन गए। आगरा में कारोबारी बेटों ने बूढ़े माता-पिता को घर से बाहर निकालकर दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया। कलयुगी बेटों की करतूतों से बेघर हुए बूढ़े मां-बाप शनिवार को जब रामलाल वृद्ध आश्रम पहुंचे, तो वे फफक फफक कर रो पड़े।
रामलाल वृद्धा आश्रम में शनिवार को तीन वृद्ध अपने बेटों द्वारा घर से निकाले जाने के बाद आश्रम में आश्रय लिया। दयालबाग निवासी मक्खन लाल अग्रवाल और पत्नी कमलेश अग्रवाल ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। सोने चांदी का कारोबार है।
बेटों के पास पैसे की भी कोई कमी नहीं है। दोनों बेटों के दो मकान और चार दुकानें हैं, लेकिन मां बाप के लिए घर में जगह नहीं है। यह बताते हुए कमलेश रोने लगी। कहा कभी सोचा न था कि ऐसा भी दिन देखना पड़ेगा।