कासगंज। जिस महिला का पति और जवान बेटा एक ही दिन में दुनिया से विदा हो जाए उसका दर्द कितना असहनीय होगा यह तो वही जान सकती है इसके साथ यह घटना घटित हुई है। ऐसा ही हुआ है कासगंज विकासखंड क्षेत्र के गांव मोहिनी मामूरगंज की मधुबाला के साथ। जहां कोरोना संक्रमण ने चार घंटे के अंतराल में ही पिता और पुत्र की जान ले ली। फिर तो अपने पति और बेटे को खोने के बाद से यह अबला बेबस हो गई है।
यह दर्दभरी कहानी है गांव मोहिनी मामूरगंज निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष अखंड प्रताप के परिवार की। इनकी मां अपने आप को संभाल नहीं पा रही हैं। अखंड प्रताप का छोटा भाई 25 वर्षीय सूर्यप्रताप सिंह गोवा में होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण ले रहा था। बीती 20 अप्रैल को वह अपने गांव आ गया फिर उसे बुखार की शिकायत हुई, लेकिन इस समस्या का समाधान हो गया।
4 मई को सूर्य प्रताप को तेज खांसी हुई उसके बाद ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। उसी दिन पिता 63 वर्षीय राजकिशोर की भी हालत बिगड़ी उन्हें भी कोरोना अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों ही कोरोना संक्रमित पाए गए। 8 मई की दोपहर सूर्य प्रताप ने दम तोड़ दिया। जैसे ही बेटे की मौत की खबर गांव में रह रही मधुबाला को मिली तो वह टूट गई और फिर कलेजे के टुकड़े के दर्द ने मधुबाला को बेहद परेशान कर दिया। वह अभी संभल भी नहीं पाई थीं कि चार घंटे बाद पति राजकिशोर की मौत की भी खबर मिल गई। फिर तो मधुबाला का दर्द और भी बढ़ गया। पति और बेटे को एक साथ खोकर वह बेसुध हो गईं और अपने आप को संभाल नहीं पा रही हैं। वे बार-बार रो-रोकर कहती हैं कि बेटा अपने पापा के साथ कहां चले गए मुझसे मिलने आ जाओ।
तय हो गया था रिश्ता, अगले महीने होनी थी शादी
कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़े सूर्य प्रताप के घर में अप्रैल महीने की शुरूआत से ही खुशियां बढ़ने लगी थीं। सूर्य प्रताप की शादी का रिश्ता एटा से तय हो गया था और जून महीने में शादी की तैयारी थी। मृतक के भाई अखंड प्रताप ने बताया कि शादी की तैयारियां चल रहीं थीं, लेकिन इन खुशियों को कोरोना संक्रमण ने एक पल में छीन लिया। अब पूरा परिवार टूट चुका है।