जिस पिता को बेटा जगह-जगह तलाश कर रहा था, उनकी माैत की खबर 8 दिन बाद मिल सकी। थाना एत्मादपुर पुलिस ने कपड़े और घड़ी दिखाई तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने सही तरीके से पहचान का प्रयास किया होता तो वो आखिरी बार पिता का चेहरा देख लेते। जानकारी होने पर भी 10 दिन में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। पुलिसकर्मी अपनी मर्जी से तहरीर लेकर कार्रवाई करना चाहते हैं।
माता वाली गली, टेढ़ी बगिया निवासी चुन्नीलाल ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। 30 अप्रैल को धाैर्रा, एत्मादपुर में चचेरी बहन की शादी थी। इसमें शामिल होने पूरा परिवार ऑटो से गांव पहुंचा था। 62 वर्षीय पिता समर सिंह भी गए थे। वह समारोह स्थल से पहले गांव के मोड़ पर उतर गए। कुछ देर बाद आने की कहकर चले गए मगर वो शादी में नहीं पहुंचे। इस पर काफी तलाश किया, लेकिन पता नहीं चल सका।
परिवार के लोग घर लौट आए, लेकिन पिता का पता नहीं चल सका। पिता बल्केश्वर घाट पर फल बेचने का काम करते थे। वहां भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं लग सकी। 8 दिन बाद पता चला कि धाैर्रा कट पर एक हादसा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। थाने जाकर पहचान हो सकती है। इस पर सभी लोग थाने पहुंच गए। पुलिस ने हाथ की घड़ी और कपड़े दिखाए। यह उनके पिता चुन्नीलाल के ही थे।
पुलिस ने बताया कि हादसे में मृत्यु हो गई थी। पहचान नहीं होने पर 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया गया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। बेटे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सही तरीके से पहचान का प्रयास नहीं किया। सोशल मीडिया पर फोटो नहीं डाला गया। अब प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की जा रही है। उनसे कहा गया है कि पिता की माैके पर मृत्यु हो गई थी, जबकि उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो सड़क पर पड़े हुए तड़पते नजर आ रहे हैं।
डीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार बाइक से वृद्ध को टक्कर लगी थी। पुलिस घायल को अस्पताल ले जा रही थी। रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। परिजन ने तहरीर में मृतक का नाम नहीं लिखा था। इसलिए नाम लिखने के लिए कहा गया था। शिकायत के आधार प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।