सूर्य ग्रहण की नहीं रहेगी मान्यता
सोमवती अमावस्या पर लग रहा सूर्य ग्रहण अपने देश में नहीं दिखाई देगा। विदेशों में सूर्यग्रहण रहेगा। शिव शरण पारासर ने बताया कि जो ग्रहण दृश्य नहीं होता है उसकी मान्यता नहीं रहती है।
21 दिसंबर को नजदीक आएंगे शनि और गुरु
21 दिसंबर को शनि और गुरु एक दूसरे के बेहद नजदीक होंगे। खगोलीय शास्त्र में इसे ग्रेट कंजक्शन कहते हैं। वर्ष 2000 में भी दोनों नजदीक आए थे लेकिन तब दोनों सूर्य के भी नजदीक थे, इस कारण लोग देख नहीं पाए।
आगरा की ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार दोनों ग्रह जितने नजदीक आएंगे, उतने वर्ष 1623 में आए थे। इस तरह यह दुर्लभ घटना 397 साल बाद हो रही है। दोनों प्रथ्वी के नजदीक होंगे, इसलिए लोग इसे देख भी पाएंगे। देव गुरु बृहस्पति अध्यामिकता, सुख-शिक्षा, संतान, धन, सुंदर भाग्य के कारक हैं। वहीं शनि न्यायाधीश हैं। वह नौकरी, सद्मार्ग, आत्मसंयम के कारक हैं। सभी राशियों के जातकों पर इनकी युति का प्रभाव पड़ेगा।