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किसी ने पत्थर चलाया, कोई फू ट-फूटकर रोया

Wed, 30 Nov 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कालिंदी विहार और ताजगंज में बैंक में कैश खत्म होने पर टूटा लोगों के सब्र का बांध - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बैंकों में कैश की किल्लत से अब कानून व्यवस्था का संकट खड़ा होने लगा है। चार दिनों से शहर से देहात तक बैंक शाखाओं पर हंगामा, मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। बैंकों में नगदी न पहुंचने से जरूरतमंद लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है। मंगलवार को इलाहाबाद बैंक कालिंदी विहार शाखा पर कैश खत्म होने से गुस्साए ग्राहकों ने पथराव कर जाम लगाया। ताजगंज में कई बैंकों में हंगामा किया।
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कालिंदी विहार में सुबह से कतार में लगे लोगों को दोपहर में जब कैश न होने की सूचना दी गई तो कुछ लोगों ने गुस्से में पथराव किया तो कई फूट फूट कर रोने लगे। बुजुर्ग महिलाओं में किसी को दवा के लिए पैसे चाहिए थे तो किसी को आटे, सब्जी के लिए। कालिंदी विहार की तरह बाह, पिनाहट, सीकरी, बरहन में लोगों ने नगदी खत्म होने पर हंगामा किया।
75 साल की राजकुमारी हों या 72 साल की वीरी देवी। चार घंटे बैंक की कतार में लगने के बाद भी जब जरूरत के लिए कैश न मिला तो आंखों से आंसू छलक उठे। उनकी तरह 50 से 70 साल के बीच की उम्र की 4 दर्जन से ज्यादा महिलाएं कालिंदी विहार की इलाहाबाद बैंक शाखा में कतार में लगी थी, लेकिन कैश न होने पर ब्रांच बंद कर दी गई।
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बुजुर्ग महिलाएं तो फूट फूट कर रो लीं और घर जाने लगीं, लेकिन किशोर और युवाओं का गुस्सा बैंक पर ही उतरा। कईयों ने हाथ में ईंट उठाकर शटर पर दे मारी तो कईयों ने पथराव भी कर दिया। सिक्योरिटी गार्ड ने शटर बंद कर पुलिस बुला ली और इसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
करीब एक घंटे तक इलाहाबाद बैंक में हंगामा होता रहा। नगदी के ऐसे ही संकट के कारण नरीपुरा, टेढ़ी बगिया, लोहामंडी और जयपुर हाउस के साथ देहात में बरहन, फतेहपुर सीकरी, पिनाहट, बाह में लोगों ने कैश खत्म होने पर हंगामा काटा। लोगों का आरोप है कि बैंक मैनेजर प्रीमियम और परिचित ग्राहकों को कैश पूरा दे रहे हैं, जबकि गरीब आदमी पांच घंटे बाद दो हजार रुपये भी नहीं ले पा रहा है।

चाहिएं 1.30 अरब, मिल रहे आठ करोड़

नोटबंदी के बाद अब तक का हाल
4650 करोड़ रुपये खातों में जमा
380 करोड़ रुपये के नोट एक्सचेंज
885 करोड़ रुपये की नगदी निकासी
115 एटीएम हो पाए कैलिब्रेट
130 करोड़ रुपये की नगदी हर दिन चाहिए
8 करोड़ रुपये ही मिल पा रहे रोज
बैंकों में नगदी का संकट गहरा चुका है। शनिवार के बाद से हालात बेहद खराब हैं और नई करेंसी रिजर्व बैंक से अब तक नहीं आई है। नोटबंदी के 21 दिन बाद भी 500 रुपये का नया नोट न आने से कैश की किल्लत और बढ़ गई है। हर दिन आगरा को 130 करोड़ रुपये नगदी की जरूरत है लेकिन कैश मिल रहा है केवल 6 से 8 करोड़ रुपये। ग्रामीण बैंकों के सामने तालाबंदी की स्थिति है तो शहर की भी 469 शाखाओं में से 410 में सुबह 11 बजे तक ही कैश खत्म हो जा रहा है, जबकि स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ इंडिया में 2 हजार रुपये के नोट के कारण लिमिट में कैश दिया जा रहा है। ग्राहकों को दो से चार हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं, जबकि जरूरत 24 हजार की है।
‘बैंकों और प्रशासन ने रिजर्व बैंक के सामने हालात बयां किए हैं। उम्मीद है कि गुरुवार शाम तक नई करेंसी बैंकों को पहुंच जाएगी। एटीएम को कैलिब्रेट कर मुश्किल कम करने का प्रयास है। 500 रुपये की नई करेंसी मिल जाएगी तो समस्या कम हो जाएगी’
पंकज सक्सेना
लीड बैंक मैनेजर

एत्मादपुर में आधा घंटे हाईवे जाम
 बैंक आफ इंडिया के उपभोक्ताओं ने कैश नहीं मिलने पर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। आधा घंटा के हंगामा प्रदर्शन केबाद पुलिस ने बड़ी मुश्किल से जाम खुलवाया।
 किरावली में जैगारा में ग्रामीण भड़के
किरावली। जैगारा गाव की ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स की शाखा में भी हंगामा हुआ।   सुबह साढ़े नौ वजे से जैगारा कागारौल मार्ग पर रालोद के प्रदेश सचिव केशव सिंह चाहर के नेतृत्व में जाम लगा दिया। एक घंटे बाद पुलिस ने जाम खुलवाया।

कुंडौल में दूसरे दिन भी हंगामा
फतेहाबाद 29 नवंबर। डौकी थाना क्षेत्र के ग्राम कुंडौल में स्थित केनरा बैंक की शाखा पर मंगलवार को भी ग्रामीणों ने फतेहाबाद आगरा मार्ग पर जाम लगा दिया।  बैंक कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी की।  वहीं डौकी स्थित केनरा बेंक शाखा पर भी ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। दोनों जगह पुलिस ने जाम खुलवाया।
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