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Agra News: रैन बसेरा कहीं बंद तो कहीं खाली, सर्द रात हुई कंपाने वाली

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आईएसबीटी पर नगर निगम की ओर से बनाये अस्थाई रैन बसेरा में आराम करते यात्री। अमर उजाला
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आगरा। नगर निगम के रैन बसेरों और शेल्टर होम के संचालन के दावे हकीकत में कमजोर नजर आ रहे हैं। भीषण सर्दी के बावजूद शहर में कई रैन बसेरे या तो बंद मिले या फिर खाली दिखे। जबकि बड़ी संख्या में मजबूर लोग हाड़कंपाने वाली ठंड में फुटपाथों पर रात गुजार रहे हैं। सबसे खराब स्थिति जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के आसपास दिखी।
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अमर उजाला की टीम ने रविवार देर रात शहर के विभिन्न इलाकों का रियलिटी चेक किया। सबसे पहले आईएसबीटी पर संचालित रैन बसेरे का जायजा लिया। यहां पुरुषों के लिए 17 और महिलाओं के लिए 6 बेड की व्यवस्था है। निरीक्षण के दौरान पुरुषों के 3 और महिलाओं का एक बेड खाली मिला। रैन बसेरे में रजाई-गद्दे बिछे थे, गैस हीटर चल रहा था और मोबाइल चार्जिंग की भी व्यवस्था थी।
खंदारी स्थित शेल्टर होम में कुल 13 बेड उपलब्ध हैं, लेकिन मौके पर केवल चार पुरुष और एक महिला ही ठहरे मिले। बाकी सभी बेड खाली पड़े थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जानकारी के अभाव और सीमित समय के कारण कई जरूरतमंद यहां रुक नहीं पाते।
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सबसे चिंताजनक स्थिति एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पास सामने आई, जहां पहले अस्थायी रैन बसेरा संचालित था। निर्माण कार्य के चलते इसे हटा दिया गया है। इससे मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को रात गुजारने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है और वे अस्पताल परिसर व आसपास सड़कों पर ठंड झेलने को मजबूर हैं।

एमजी रोड समेत अन्य प्रमुख इलाकों के फुटपाथों पर कई परिवार खुले में सोते मिले। फिरोजाबाद से आई एक महिला अपने डेढ़ साल के बच्चे के साथ फुटपाथ पर रह रही है। उसने बताया कि कभी-कभी वाहन उन्हें सर्दियों में रैन बसेरों में छोड़ देते हैं, लेकिन सुबह होते ही वहां से हटा दिया जाता है। ऐसे में छोटे बच्चों को लेकर ठंड में कहां जाएं, यह सबसे बड़ी समस्या है।

कुल मिलाकर हालात यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि जब रैन बसेरे मौजूद हैं, तो जरूरतमंदों तक इनकी पहुंच क्यों नहीं हो पा रही और क्यों अब भी लोग सर्द रातें सड़कों पर काटने को मजबूर हैं।
रैन बसेरा में जड़ा मिला ताला

जिला अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की सुविधाओं को लेकर तमाम वादे किए जाते हैं। लेकिन, अमर उजाला की टीम रात 10:20 पर जिला अस्पताल स्थित रैन बसेरा पहुंची। यहां पर प्रवेश करते ही रसोई पर ताला लगा मिला। अंदर चले तो लोगों के ठहरने के लिए बने दो दोनों कमरों का भी तालाबंद था। बड़ा सवाल यह है कि इन सर्द रातों में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार कहां जाएंगे।
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आईएसबीटी पर नगर निगम की ओर से बनाये अस्थाई रैन बसेरा में आराम करते यात्री। अमर उजाला

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