मथुरा जिले के गांव रायपुर निवासी सैनिक सुभाष चंद्र का शनिवार को सैनिक व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक की चिता को 12 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सुभाष चंद्र अमर रहे के नारे लगाए गए। ग्वालियर में सैनिक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी।
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मृतक सैनिक को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
नौहझील क्षेत्र के गांव गढ़ी अनरदा रायपुर निवासी 37 वर्षीय सैनिक सुभाष चंद्र की ग्वालियर में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। सुभाष चंद्र ग्वालियर स्थित आर्मी कैंप में तैनात थे। शनिवार सुबह सुभाष चंद का पार्थिव शरीर गांव रायपुर लाया गया।
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पिता की चिता को मुखाग्नि देते बेटे
- फोटो : अमर उजाला
जैसे ही सुभाष का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो आसपास के गांवों के हजारों लोग अंतिम दर्शन को दौड़ पड़े। इस दौरान युवाओं ने सुभाष चंद्र अमर रहें के नारे लगाए। सैनिक सुभाष चंद्र का उनके खाली पड़े प्लॉट में अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे गौरव और छोटे बेटे सौरभ चौधरी ने मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई।
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सैनिक को सलामी देते जवान
- फोटो : अमर उजाला
ग्वालियर से आए जेसीओ संदीप कुमार की टोली ने सैनिक सुभाष चंद्र को सलामी दी। वहीं तहसील मांट की ओर से तहसीलदार राकेश व सीओ मांट आलोक दुबे ने सलामी दी। इस मौके पर रालोद नेता योगेश नौहवार, भाजपा जिलाध्यक्ष मधु शर्मा सहित आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे।
सैनिक के पिता को तिरंगा सौंपते सेना के अफसर
- फोटो : अमर उजाला
मृतक सैनिक सुभाष चंद्र के परिजनों ने सेनाधिकारी संदीप कुमार से सुभाष चंद्र को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की। इसे लेकर एक घंटे तक बातचीत का दौर चलता रहा। सैनिक की पत्नी संगीता ने सेना की ओर से सुविधाएं दिलाने व तीनों बच्चों की पढ़ाई आदि को लेकर इंतजाम करने की मांग की। इस पर जेसीओ संदीप कुमार ने सेना की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाएं दिलाने का आश्वासन दिया।