कोरोना वायरस के मरीज और संदिग्धों के इलाज में जुटे चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ 21 दिन तक घर नहीं जा पाएंगे। इनके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में ही एक्टिव क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। सात दिन की ड्यूटी के बाद यह 14 दिन एकांतवास में रहेंगे।
कोरोना वायरस के आइसोलेशन वार्ड और क्वारंटीन सेंटर में 60 लोगों का स्टाफ लगा हुआ है। इनकी सात-सात दिन में रोस्टर प्लान के तहत ड्यूटी लगाई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार इलाज में लगे स्टाफ को क्वारंटीन किए जाना अनिवार्य है।
ऐसे में चिकित्सकों के लिए गेस्ट हाउस, महिला स्टाफ के लिए नर्सिंग कॉलेज, वार्ड ब्वाय समेत अन्य स्टाफ के लिए जिला टीबी डिमोस्ट्रेशन सेंटर में एक्टिव क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं।