आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पांच साल में भी बर्न यूनिट शुरू नहीं हो पाई है। अभी महज 10 बेड के वार्ड में जले हुए मरीजों का इलाज हो रहा है। इससे जले और एसिड अटैक मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
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एसएन में अभी 10 बेड का ही बर्न वार्ड है। ये एंटी बैक्टीरियल भी नहीं है, इससे संक्रमण का खतरा भी रहता है। ऐसे में 2019 में 30 बेड का एंटी बैक्टीरियल वार्ड की सुविधा वाली बर्न यूनिट के लिए करीब 4.30 करोड़ रुपये बजट तय हुआ। इसमें प्लास्टिक सर्जरी की भी सुविधा मिलती, जिसके लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनना है। कोरोना महामारी के कारण निर्माण कार्य एक साल बंद रहा। लागत मूल्य बढ़ने पर शासन ने 70 लाख रुपये और जारी कर दिए।
बीते पांच महीने पहले ही इमारत बनकर तैयार हो गई है, लेकिन इसमें इलाज शुरू नहीं हो पाया। प्लास्टिक सर्जरी के लिए माॅड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी नहीं बना है। गर्मी शुरू हो गई हैं, इसमें आग की घटनाएं बढ़ने से सामान्य दिनों के मुकाबले जले हुए मरीजों की संख्या दोगुना से अधिक हो जाती है।
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यूनिट शुरू नहीं हो पाने के कारण कई मरीज दूसरे शहरों में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इमारत बनकर तैयार हो गई है। चिकित्सकीय स्टाफ भी नियुक्त कर दिया है। मशीनों की खरीद की जा रही है। अगले महीने से यहां वार्ड शुरू करने की योजना है।