आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के ट्राॅमा सेंटर में मरीज की मौत की जांच शुरू हो गई है। परिजन का आरोप है कि 4 दिन से मरीज को वेंटिलेटर नहीं दिया गया, इससे मौत हो गई। इस आरोपों पर प्राचार्य ने तीन सदस्यीय समिति बना दी है। ट्राॅमा सेंटर के वीडियो फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं।
अकोला निवासी देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई सनी 2 दिसंबर से ट्राॅमा सेंटर में भर्ती थे। सिर में गंभीर चोट थी। उन्हें वेंटिलेटर नहीं दिया गया। अपने परिचित समान अधिकार पार्टी के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा से शिकायत की। उन्होंने सोशल मीडिया पर दिक्कत बयां की तब मरीज को वेंटिलेटर दिया गया। हालांकि कुछ घंटे बाद ही बुधवार रात करीब नौ बजे मरीज की मौत हो गई।
इस आरोप पर प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने ट्राॅमा सेंटर प्रभारी और प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश शर्मा, इमरजेंसी प्रभारी डॉ. मनीष बंसल और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता की समिति का गठन किया है। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। समान अधिकारी पार्टी के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा का कहना है कि मरीज को पहले दिन से ही वेंटिलेटर मिल जाता तो जान बच सकती थी। कोविड में आए करीब 200 वेंटिलेटर की जांच कराने के लिए वह मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं।
पहले दिन से ही लगा वेंटिलेटर
- प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का दावा है कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पहले दिन से ही मरीज को वेंटिलेटर लगा है। जांच समिति को ये फुटेज सौंप दी है। तीमारदारों का आरोप बेबुनियाद है। कोविड में 197 वेंटिलेटर मिले थे, 165 संचालित हैं, बाकी के वेंटिलेटर वैकल्पिक तौर पर रखे गए हैं। किसी के खराब होने पर इनको रिप्लेस कर दिया जाता है।
विभागों में संचालित आईसीयू में बेड की स्थिति
सर्जरी विभाग- 25 बेड
मेडिसिन विभाग- 37 बेड (एक में 25 और दूसरे में 12)
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर- 32 बेड
बाल रोग- 28 बेड (एनआईसीयू में 16, पीआईसीयू में 12)
एनेस्थीसिया विभाग- 24 बेड
इमरजेंसी- 20 बेड (ट्रामा सेंटर 08, बाल रोग अनुभाग में 12)