‘आगरा इज इंडिया (आगरा भारत है), लेकिन यह निराशाजनक है कि आज भी ताजमहल के आसपास का वातावरण सुखद नहीं है। पर्यटन की धुरी पर घूमने वाले इस शहर के अधिकांश होटलों के कमरे पर्यटकों के अभाव में खाली रह जाते हैं। ऐसे में स्मार्ट सिटी परियोजना पर्यटन को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।’ यह कहना है कि स्मार्ट सिटी योजना के लिए प्रस्ताव तैयार करने को नियुक्त कंसल्टेंट अर्बन मैनेजमेंट सेंटर के जोन बार्नेट का।
शुक्रवार को संजय प्लेस स्थित कॉस्मास मॉल में आगरा डेवलेपमेंट फाउंडेशन (एडीएफ) द्वारा स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए बैठक की गई। जोन बार्नेट ने कहा कि ताजमहल अद्भुत है, लेकिन इसके चारों ओर गंदगी, खुले नाले, वाहनों के तेज हॉर्न और ट्रैफिक निराशाजनक है।
कहा कि होटल व्यवसायियों, टैक्सी व रिक्शा चालकों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है। साथ ही स्मार्ट सिटी में हेरीटेज टूरिज्म जोन भी बनाना होगा। इसमें पर्यटक सूचना केंद्र, फ्री वाई-फाई आदि की सुविधा हो। इस क्षेत्र के सभी भवन पर रात में प्रकाश हो, स्ट्रीट एंटरटेनमेंट की भी व्यवस्था हो।
500 एकड़ में ताजगंज, रामबाग से महताब बाग या रावतपाड़ा आदि को विकसित किया जा सकता है। ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के लिए सिकंदरा व इनररिंग रोड के अलावा फतेहाबाद रोड से लगे क्षेत्र को विकसित किया जा सकता है। इस दौरान डा. रंजना बंसल ने शहर में वृहत पार्क की जरूरत को बताते हुए शाहजहां पार्क आदि को सुनियोजित विकसित करने के साथ ही मनोरंजन जोन बनाने की बात रखी।
एडीएफ अध्यक्ष पूरन डावर ने शहरवासियों से सहभागिता बढ़ाने की अपील की। सचिव केसी जैन ने कहा कि स्मार्ट सिटी की योजना व्यावहारिक होने के साथ-साथ सही तथ्यों पर आधारित हो। बैठक में किशोर खन्ना, प्रशांत जैन, राममोहन कपूर आदि मौजूद थे।