आगरा की हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम से लेकर अन्य कई विभाग प्रयास कर रहे हैं। हालांकि इनमें से किसी भी विभाग को स्मार्ट सिटी के शहर के 27 स्थानों पर लगाए गए सेंसरों पर एतबार नहीं है। इसकी बजाय वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी के आंकड़ों पर भरोसा कर रहा है। यही वजह है कि भले स्मार्ट सिटी के सेंसर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 पार दिखा रहे हों, लेकिन सीपीसीबी के एक्यूआई बढ़ने तक सिस्टम अपनी ही चाल से चल रहा है।
रविवार को स्मार्ट सिटी के सेंसरों में शहर के ईदगाह चौराहा, श्मशान घाट, सदर भट्टी, तहसील तिराहा, कलाकृति, शहीद नगर, वैभव नगर, हाथी घाट और बाग फरजाना में एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया गया। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बुलेटन के अनुसार शहर का एक्यूआई 163 रहा। संजय प्लेस, मनोहरपुर, रोहता, आवास विकास काॅलोनी, शाहजहां गार्डन और शास्त्रीपुरम में लगे एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशनों पर औसत एक्यूआई 250 के पार तक नहीं गया। ऐसे में निगम शहर की हवा को साफ मान रहा है।
निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि सीपीसीबी के लगाए गए स्टेशनों पर इस महीने सिर्फ दो बार एक्यूआई 250 के पार गया है। फिर भी निगम लगातार ज्यादा प्रदूषण वाले क्षेत्रों में कचरा न जलाए जाने से लेकर पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों को ढकवाने जैसे कदम उठा रहा है। जो स्मार्ट सिटी के सेंसरों को न सीपीसीबी साझा करता है, न ही प्रदेश का बोर्ड संज्ञान लेता है। ऐसे में निगम केंद्रीय एजेंसी के सुझाव व आंकड़ों के अनुसार ही काम कर रहा है।