चोरी की कार या बाइक आगरा के किसी चौराहे से निकलेगी तो स्मार्ट सिटी के कैमरे उसका पूरा रिकॉर्ड अपने पास रखकर अलर्ट कर देंगे। शहर में 830 कैमरों के जरिए निगरानी कर रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम की इन सुविधाओं के साथ गुरुवार को आगरा स्मार्ट सिटी के सीईओ ने लाइव कर दिया।
तीन महीने के लिए यह ट्रायल चलेगा और एक अप्रैल से विधिवत संचालन शुरू हो जाएगा। न केवल वाहन, बल्कि अपराधी के चौराहे पर पहुंचने पर सीसीटीवी कैमरे उसे फेस रिकग्नीशन सिस्टम के जरिए पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट कर देगा।
गुरुवार दोपहर स्मार्ट सिटी सीईओ निखिल टी. फुंडे ने एसीईओ केबी सिंह के साथ स्मार्ट सिटी कमांड सेंटर को गो-लाइव कर दिया। 11 तरह की व्यवस्थाओं पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए निगरानी रखी जा सकेगी।
निखिल टी फुंडे ने बताया कि 282 करोड़ रुपये की लागत वाले कमांड सेंटर का 5 साल तक कंपनी ऑपरेशन, मेंटीनेंस करेगी। शहर की यातायात, कानून व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, आपात स्थिति में फंसे लोगों की मदद में यह बेहतर रोल निभा पाएगा।