फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चोरी की गाड़ी चौराहे से गुजरेगी तो कैमरे कर देंगे अलर्ट, कमांड सेंटर का ट्रायल शुरू

Sat, 02 Jan 2021 12:15 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • स्मार्ट सिटी का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर गुरुवार से हुआ लाइव
  • सीईओ ने तीन माह के ट्रायल को शुरू किया, एक अप्रैल से विधिवत संचालन
विज्ञापन
कमांड सेंटर से निगरानी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चोरी की कार या बाइक आगरा के किसी चौराहे से निकलेगी तो स्मार्ट सिटी के कैमरे उसका पूरा रिकॉर्ड अपने पास रखकर अलर्ट कर देंगे। शहर में 830 कैमरों के जरिए निगरानी कर रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम की इन सुविधाओं के साथ गुरुवार को आगरा स्मार्ट सिटी के सीईओ ने लाइव कर दिया। 

विज्ञापन


तीन महीने के लिए यह ट्रायल चलेगा और एक अप्रैल से विधिवत संचालन शुरू हो जाएगा। न केवल वाहन, बल्कि अपराधी के चौराहे पर पहुंचने पर सीसीटीवी कैमरे उसे फेस रिकग्नीशन सिस्टम के जरिए पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट कर देगा।

गुरुवार दोपहर स्मार्ट सिटी सीईओ निखिल टी. फुंडे ने एसीईओ केबी सिंह के साथ स्मार्ट सिटी कमांड सेंटर को गो-लाइव कर दिया। 11 तरह की व्यवस्थाओं पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए निगरानी रखी जा सकेगी। 
विज्ञापन


निखिल टी फुंडे ने बताया कि 282 करोड़ रुपये की लागत वाले कमांड सेंटर का 5 साल तक कंपनी ऑपरेशन, मेंटीनेंस करेगी। शहर की यातायात, कानून व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, आपात स्थिति में फंसे लोगों की मदद में यह बेहतर रोल निभा पाएगा।

विज्ञापन

अपराधी का स्केच बना रहा कमांड सेंटर
फोन छीनने या सोने की चेन छीनकर भागते लुटेरे किस तरह के कपड़े पहने हुए हैं या कैसे नजर आ रहे थे, इसका स्केच स्मार्ट सिटी का कंट्रोल एंड कमांड सेंटर मिनटों में बना देगा। निखिल टी फुंडे ने बताया कि पहले से साफ्टवेयर में दर्ज ब्यौरे के तहत कमांड सेंटर के स्मार्ट कंप्यूटर लुटेरे का पूरा स्केच बना देंगे। त्रिनेत्र साफ्टवेयर में दर्ज अपराधियों के ब्यौरे से मैच करके घटना को अंजाम देने वाले तक इसके जरिए पहुंचा जा सकेगा।

इन व्यवस्थाओं पर कमांड सेंटर करेगा निगरानी
- 63 चौराहों पर यातायात नियंत्रण प्रणाली।
- 43 जगहों पर इंटेलिजेंट यातायात प्रबंधन प्रणाली।
- जागरूकता के लिए 43 जगह पीए सिस्टम से निर्देश।
- 43 जगहों पर इमरजेंसी पैनिक बटन दबाने पर सहायता।
- 240 जगहों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे।
- अपराधियों को पकड़ने के लिए फेशियल रिकग्नीशन सिस्टम।
- सभी थाने-चौकी आपस में जोड़ने के लिए सिटी कम्यूनिकेशन सिस्टम।
- कचरा प्रबंधन के लिए घर से लेकर लैंडफिल साइट तक निगरानी।
- जियोग्राफिकल इन्फोरमेशन सिस्टम के जरिए सभी विभाग जुड़ेंगे।
- डाटा सेंटर, जिसमें पूरा डाटा आगरा में ही सुरक्षित।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें