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स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी से जवाब-तलब: विधायक ने CM को लिखा था पत्र, निर्माण व टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप

Sat, 25 Mar 2023 10:55 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में भाजपा विधायक डॉ. जीएस धर्मेश की शिकायत पर सीईओ अंकित खंडेलवाल ने स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी आरके सिंह से जवाब-तलब किया है। विधायक ने स्मार्ट सिटी कार्यों में कमीशनखोरी, रिश्वत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विजिलेंस जांच की मांग की है।
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आगरा स्मार्ट सिटी का कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में छावनी क्षेत्र से भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. जीएस धर्मेश के आरोपों पर नगर आयुक्त एवं सीईओ अंकित खंडेलवाल ने स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी आरके सिंह से जवाब-तलब किया है। निर्माण कार्य व विभिन्न टेंडर प्रक्रिया को लेकर बिंदुबार रिपोर्ट मांगी है। भाजपा विधायक ने स्मार्ट सिटी कार्यों में कमीशनखोरी, रिश्वत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विजिलेंस जांच की मांग की है।

स्मार्ट सिटी के सीईओ के टेंडर प्रपत्र तलब

स्मार्ट सिटी कार्यों पर शहर में 850 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। कमांड कंट्रोल सेंटर, सीसीटीवी कैमरों से लेकर ताजगंज में 24 घंटे पानी सप्लाई और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक के आरोपों के बाद एक तरफ स्मार्ट सिटी के सीईओ अंकित खंडेलवाल ने जांच के लिए टेंडर प्रपत्र तलब किए हैं। दूसरी तरफ वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने प्रोजेक्ट में खर्च धनराशि का सोशल ऑडिट कराने की मांग अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त अमित गुप्ता से की है।
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स्मार्ट सिटी एक प्राइवेट कंपनी है। जिसे शहर में जन सुविधाएं विकसित करने के लिए बीते सात साल में 850 करोड़ रुपये मिले। जन प्रहरी संयोजक नरोत्तम शर्मा का आरोप है कि प्रोजेक्ट के नाम पर ठेकेदार और अधिकारियों ने सरकारी धन का बंदरबांट किया है। कार्यों की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

10.62 करोड़ रुपये का जुर्माना, 15 दिन का मौका

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में 50 से अधिक चौराहों व प्रमुख मार्गों पर करीब 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। 282 करोड़ रुपये से नगर निगम में कमांड कंट्रोल सेंटर बना। सीसीटीवी से शहर में यातायात से लेकर अपराध की निगरानी होनी थी, लेकिन 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं।

15 दिन की मोहलत दी गई 

सीईओ अंकित खंडेलवाल ने 20 मार्च तक कैमरों को ठीक कराने के निर्देश कार्यदायी संस्था भारत इलेक्ट्रॉनिक को दिए। परंतु कैमरे ठीक नहीं हुए। दो बार में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पर 10.62 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है। 15 दिन की मोहलत दी गई है। सीईओ का कहना है कि 15 दिन में खराब कैमरे ठीक नहीं हुए तो जुर्माना और बढ़ेगा।
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