आगरा में आलू के कम दाम मिलने से किसान अच्छे भाव का इंतजार कर रहे हैं, जिसके कारण कोल्ड स्टोर से निकासी बेहद धीमी है। चार महीने में सिर्फ 28 फीसदी आलू बाहर निकला है, जिससे शीतगृह संचालकों की चिंता बढ़ गई है।
आलू की मंदी ने किसानों के साथ कोल्ड स्टोर मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। अच्छे भाव के इंतजार में किसान कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी कम कर रहे हैं। चार माह में मात्र 28 फीसदी निकासी हो सकी है।
जिले में इस बार 74.8 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल हुई थी। 332 कोल्ड स्टोर में 90 प्रतिशत भंडारण हुआ। पिछले वर्ष की तुलना में करीब दो लाख मीट्रिक टन कम पैदावार हुई है। इस वजह से आलू के भाव खुदाई के समय अच्छे नहीं रहे। किसानों ने अच्छे भाव के इंतजार में भंडारण कर दिया। कोल्ड स्टोरों से अप्रैल से निकासी शुरू हो गई। वर्तमान में 400 से 550 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा है। इस कारण 28 फीसदी ही निकासी हो पाई है। कोल्ड स्टोर स्वामियों को डर है कि भाव और गिरे तो भाड़ा निकालना मुश्किल हो जाएगा। किसान अगली फसल समय से नहीं कर सकेंगे।
मलूपुर के किसान जग्गा ने कहा कि पिछले साल से कम निकासी हुई है। जो आगे आलू भाव सुधार होने में समस्या का कारण बनेगी। शीतगृह स्वामी भुवेश अग्रवाल का कहना है कि अभी कोल्ड स्टोर से निकासी बहुत कम है। आधा सत्र बीतने को आ गया है। इसमें सुधार नहीं हुआ तो कोल्ड स्टोरों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।