कासगंज। नए पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने के भुगतान की रफ्तार बेहद धीमी है। 54 करोड़ रुपये के बकाए में से अब तक मात्र 81 लाख रुपये का भुगतान ही चीनी मिल कर सकी है। इसको लेकर किसान परेशान हैं। इधर किसानों के बकाए गन्ना भुगतान के लिए विभाग ने भी गंभीरता दिखाई है। विभाग ने चीनी मिल को नोटिस जारी कर भुगतान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
न्यौली चीनी मिल ने जिले के गन्ना किसानों के साथ साथ बदायूं और अलीगढ़ जनपद के किसानों का गन्ना भी इस पेराई सत्र में खरीदा था। गन्ने की पेराई व्यवस्थित रूप से हुई उसके बाद चीनी भी तैयार हो गई, लेकिन चीनी मिल किसानों के खरीदे गए गन्ने के ऐवज बकाए भुगतान को लेकर गंभीर नहीं दिखी। तभी तो पेराई बंद होने के चार महीने गुजर जाने के बाद भी किसानों को मात्र आंशिक भुगतान हो सका है। कुल बकाए में से 81 लाख रुपये का भुगतान हुआ है।
भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। गन्ना किसानों ने जिला प्रशासन और गन्ना विभाग से मांग की है कि जल्द ही बकाए गन्ने का भुगतान कराया जाए। इधर जिला गन्ना अधिकारी ने चीनी मिल को नोटिस जारी कर किसानों के बकाए का जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
गन्ना किसानों की बात-
- नए पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। जिससे परेशानी हो रही है। खेतीवाड़ी की लागत महंगी है। ऐसे में बकाए गन्ने का भुगतान हो जाए तो सहूलियत मिलेगी- हरिओम मिश्रा।
- इस सत्र में तो भुगतान दूर, पुराने सत्र के बकाए का भुगतान भी नहीं मिला है। कई बार चीनी मिल और गन्ना विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ- पाना देवी।
आंकड़े की नजर से-
- 17 लाख क्विंटल गन्ना इस सत्र में चीनी मिल ने खरीदा है।
- 54 करोड़ रुपये का भुगतान चीनी मिल पर था बकाया।
- 81 लाख रुपये का ही अब तक हुआ है भुगतान।
- 53.19 करोड़ रुपये चीनी मिल पर है बकाया।
न्यौली चीनी मिल को नोटिस जारी कर खरीदे गए गन्ने की ऐवज बकाए भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। किसानों का अधिक से अधिक भुगतान कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। - ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी