श्रीकृष्ण की नगरी की जेल हो या मंदिर, यहां भक्ति का रास्ता मिल ही जाता है। यही स्थिति मंगलवार को भी देखने को मिली। स्लोवाकिया के निवासी सेटला पीटर जेल में ढाई वर्ष सजा काटने के बाद जब सोमवार शाम को रिहा हुआ तो उसकी आंखों में आंसू थे। होठों पर प्रभु श्रीकृष्ण का नाम था। वेशभूषा पूरी तरह से साधुओं जैसी थी। पुलिसकर्मी उसे दिल्ली एयर पोर्ट पर फ्लाइट में बैठाकर आए। जेल में जब भी कोई धार्मिक आयोजन होता था, वह उसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था।
स्लोवाकिया निवासी सेटला पीटर (60) भगवान श्री कृष्ण से प्रभावित होकर वृंदावन आए थे। वृंदावन में आकर प्रभु की भक्ति करने लगे। उन्हें पता ही नहीं चला कि कब वीजा की समय सीमा समाप्त हो गई। बिना वीजा के भारत में रहने के आरोप में 28 जून 2019 को गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने पीटर को ढाई वर्ष के कारावास और 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जून 2022 को उसकी सजा पूरी हो गई परंतु उसका कोई ठिकाना न होने के कारण जेल के अधिकारियों ने उसे बाहर नहीं छोड़ा।
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डीएम से विशेष अनुमति प्राप्त कर जेल में नजरबंद किए रखा। बाद में बंदी कल्याणकारी कोष से फ्लाइट का टिकट खरीदा गया और सोमवार की शाम को एलआईयू तथा स्थानीय पुलिस उसे जेल से लेकर दिल्ली पहुंची। मंगलवार सुबह चार बजे दिल्ली से दोहा की फ्लाइट में बैठा दिया गया। जहां से वह वियना और फिर सड़क मार्ग से स्लोवाकिया जाएगा। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि स्लोवाकिया के नागरिक को उसके देश कर रवाना कर दिया गया है।