एक जुलाई से देश भर में वस्तु एवं सेवा कर लागू होने से कई बदलाव बाजार में देखे जा रहे हैं। इन्हीं बदलावों में से एक दुकान पर लगने वाले बिल का साइज भी है। जीएसटी लागू होने के बाद किसी दुकान या रिटेल स्टोर से ग्राहक को मिलने वाले बिल का साइज भी बढ़ गया है।
बता दें कि वस्तु एवं सेवा कर में वस्तुओं की आम लोगों के बीच जरूरत के हिसाब से टैक्स स्लैब बनाए गए हैं। इसमें अब अलग-अलग वस्तुओं के लिए अलग-अलग कर की व्यवस्था है। ऐसे में परचून की दुकान या रिटेल स्टोर से खरीदारी के बाद बिल लेने पर हर वस्तु के लिए अलग टैक्स की गणना के साथ एंट्री हो रही है।
इसमें जब मशीन से बिल प्रिंट करने पर कम वस्तुओं पर भी काफी लंबी स्लिप लोगों को मिल रही है। शनिवार को आगरा में नेशनल हाईवे स्थित बेस्ट प्राइस शोरूम पर लंबे-लंबे बिल देखकर उपभोक्ता हैरान रह गए। इसके बाद जब उन्होंने वहां मौजूद स्टोर कर्मियों से इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने बताया कि ऐसा जीएसटी के कारण हो रहा है।
बता दें पहले सामान की खरीदारी के बाद लगने वाले सर्विस टैक्स और वैट आदि कर की गणना पूरे बिल पर की जाती थी। इस कारण बिल का साइज भी छोटा था। अब हर वस्तु पर अलग कर गणना ने बिल का साइज भी बढ़ा दिया है।