आगरा। फिरोजाबाद में ट्रांसपोर्ट कारोबारी बाल मुकुंद की हत्या से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बेटे शिवम ने आरोप लगाया कि साझेदार पिछले छह महीने से हिसाब में हेराफेरी कर रहा था। अपनी अलग कंपनी बना ली थी। जब पिता ने भी अपना काम अलग करना शुरू किया तो उनकी हत्या कर दी। बचाने आए पिता के दोस्त और चालक की भी पिटाई लगाई। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
मृतक ट्रांसपोर्ट कारोबारी बाल मुकुंद (45) बिहार के रहने वाले थे। 30 साल पहले आगरा में आकर बस गए थे। हाथी घाट मोहल्ले में घर था। बेटे शिवम ने बताया कि पिता ने कई साल पहले ट्रांसपोर्ट कंपनी खोल ली थी। उनके चार ट्रक भी हैं। आरोपी गजेंद्र सिंह से साझेदारी थी। उनकी ट्रांसपोर्ट से आगरा से माल फिरोजाबाद रोजाना भेजा जाता था। गजेंद्र सिंह इस माल को अपनी देखरेख में उतरवाते थे। मगर 6 महीने से वो हिसाब में हेराफेरी करने लगे। पिता ने कई बार हिसाब मांगा। वो हर बार टालमटोल कर देते थे।
उन्होंने अपनी एक ट्रांसपोर्ट कंपनी भी बना ली। इसका पता चलने पर पिता ने अलग होने का फैसला किया। वह रविवार सुबह खुद ही माल लेकर फिरोजाबाद गए थे। जैन मंदिर के पास गोदाम में माल उतरवा रहे थे। उनके साथ ट्रक चालक सुभाष और मित्र शिवशंकर भी थे। तभी हमलावर आ गए। उनके साथ घटना की। वह सुबह 11 बजे पहुंचे। इलाज के दाैरान पिता ने दम तोड़ दिया। उन्होंने चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने दबिश देकर एक आरोपी को पकड़ लिया है। हालांकि तीन अब भी फरार हैं।
बेटी के हाथ पीले नहीं कर सके
रात तकरीबन सवा आठ बजे कारोबारी का शव फिरोजाबाद से आगरा लाया गया। शव घर आते ही महिलाओं का करुण क्रंदन गूंजने लगा। बेटियां फूट-फूटकर रोने लगीं। पत्नी रूबी बेहाल हैं। तीनों को परिवार की महिलाओं ने किसी तरह संभाला। पत्नी का कहना था कि पति की जान लेने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। बाल मुकुंद घर में अकेले कमाने वाले थे। बेटा शिवम बीकाम कर रहा है। वहीं एक बेटी साक्षी बीएससी कर रही है। बड़ी बेटी रूपम नाैकरी करती है। शिवम ने बताया कि पिता बड़ी बहन के लिए रिश्ता देख रहे थे। वह जल्द ही शादी करने वाले थे। मगर उससे पहले ही परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा।