रामनगर निवासी 75 वर्षीय राधेश्याम का कहना है कि बच्चों ने बुढ़ापे में मुंह फेर लिया। आश्रम के मुख्य संरक्षक राजकुमार जैन, सुनील जैन, संदेश जैन, डॉ मदनमोहन शर्मा, विनय शर्मा आदि ने सभी बुजुर्गों का सम्मान सहित स्वागत किया और बेहतर सेवा देने का भरोसा दिलाया।
ऐसी सोच सुनकर कष्ट होता है
रामलाल वृद्धाश्रम के अध्यक्ष शिवप्रसाद शर्मा ने बताया कि युवाओं की ऐसी सोच सुनकर मन को कष्ट होता है। आश्रम में बुजुर्गों के बच्चों को बुलाकर समझाया जाता है। ताकि बुजुर्ग अपनों की बीच जा सकें।