आगरा के बाईंपुर स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थल में देखभाल के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। शनिवार को छह से अधिक गोवंश की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि इनमें एक बछड़ा, एक बैल और 4-5 गाय हैं। गोवंश भूख से दम तोड़ रहे हैं।
जानकारी होने पर डीएम एनजी रवि कुमार ने गोशाला पहुंचकर पशुपालन विभाग के अफसरों को फटकार लगाई। गोशाला में चारे के लिए लड़ामनी बनाने के निर्देश दिए। नियमित देखभाल नहीं करने पर पशुपालन विभाग के अफसरों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
अमर उजाला ने हाल में इस गोशाला की बदहाली पर प्रशासन को चेताया था, यहां घुमंतू गोवंश को रखा जा रहा है। गोशाला में वर्तमान में तकरीबन 1000 गोवंश हैं। इनमें काफी संख्या में सांड़ भी हैं, जो कि गायों और बछड़ों को मारकर घायल कर देते हैं।
पांच गायों की मौत
यहां गोवंश की देखभाल के लिए दो अस्थायी कर्मचारी तैनात हैं। गांववालों का कहना है कि दोनों कर्मचारी पशुओं को बंद करके चले जाते हैं। वह भूखे और प्यासे रहते हैं। शनिवार को सुबह एक बछड़ा, एक बैल और 4-5 गाय की मौत हो गई।
कर्मियों ने आनन फानन में मृत गोवंश को गाड़ी मंगवाकर बाहर भेजना शुरू कर दिया। जानकारी पर ग्रामीण इकट्ठे हो गए। उन्होंने हंगामा किया और जिलाधिकारी को सूचना दे दी। मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. एके दौनेरिया और पशु चिकित्सक भी मौके पर पहुंच गए।
शाम को जिलाधिकारी ने गोशाला पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने पशु पालन विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने गोशाला में लड़ामनी बनाने और भूसे के साथ ही हरे चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गोवंश की मौत में लापरवाही पर जांच कराने को कहा।
मिट्टी में पड़ा भूसा खा रहे
गोशाला में गोवंश के लिए भूसा मिट्टी में डाला जा रहा है। इससे काफी भूसा खराब हो जाता है। गायें मिट्टी में पड़े भूसे को खा रही हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पक्के फर्श पर भूसा डालने पर सांड़, गायों को नहीं खाने देते हैं। डीएम ने इनके लिए लड़ामनी बनाने के निर्देश दिए हैं।
सांड़ों के लिए बनाई थी गोशाला
विभागीय अधिकारियों की मानें तो यह गोशाला केवल सांड़ों को रखने के लिए बनाई थी, लेकिन खुले में विचरने वाले गोवंश की बढ़ती संख्या के कारण गायों भी फिलहाल यहां रखा जा रहा है। जल्द ही गायों को यहां से शिफ्ट किया जाएगा।
घायल गोवंश मरे हैं : सीवीओ
मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. एके दौनेरिया ने बताया कि गोवंश की मौत भूख से नहीं हुई है। पर्याप्त चारा उपलब्ध है। नगर निगम व पंचायत कर्मी कई दफा हादसे में घायल या लड़ाई में घायल गोवंश को भी यहां छोड़ जाते हैं। ऐसे ही दो घायल गोवंश की मौत हुई है।
शासन की ओर से एक गाय के चारे के लिए 30 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है, जोकि अपर्याप्त है। यही कारण है कि गोवंश को यहां पर्याप्त चारा नहीं मिल पा जरहा है।