ससुर का व्यवहार ठीक नहीं
मोनिका और सुरेश (काल्पनिक नाम) के बीच समझौता नहीं हो पाया। मोनिका का कहना था कि ससुर का व्यवहार ठीक नहीं है। काउंसलर ने समझाया लेकिन बात नहीं बनी। काउंसलर ने उनको दोबारा बुलाया है। उनका कहना था कि एक-दो बार की बैठक में मामले में समझौता होने की उम्मीद है।
काउंसलर डॉ. अमित गौड़ ने बताया कि कई मामलों में एक घंटे में शक दूर कर दिया जाता है। कई मामलों में चार-पांच बार के बाद ही हम लोग समझौता कराने की स्थिति में पहुंच पाते हैं। शादी के कुछ महीनों बाद ही विवाद के मामलों की संख्या सबसे ज्यादा आ रही है।
50 प्रतिशत मामलों में फिर जुड़ जाते हैं रिश्ते
केंद्र की काउंसलर प्रतिभा जिंदल ने बताया कि परामर्श केंद्र पर एक महीने में औसतन 150 मामले आ रहे हैं। करीब पचास प्रतिशत मामलों में काउंसिलिंग के बाद समझौता हो जाता है। हमारी कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा मामलों में समझौता हो जाए। कोई पक्ष नहीं मानता तो एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।