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फर्जी मार्कशीट प्रकरणः SIT हाईकोर्ट के सामने रखेगी ये सबूत

Fri, 09 Feb 2018 05:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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आगरा यूनिवर्सिटी - फोटो : SELF
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डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के फर्जी मार्कशीट प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी जल्द ही उच्च न्यायालय के सामने सारे साक्ष्य रखने जा रही है। 
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उच्च न्यायालय ने जांच एजेंसी से जवाब तलब किया है। फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों ने याचिका दर्ज की थी। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी थी।

बीएड 2004 सत्र की लगभग 4000 मार्कशीट फर्जी बताई गई हैं। इनके जरिए लगभग 3000 लोग शिक्षक बने हैं। पिछले दिनों एसआईटी की जांच के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इन सभी शिक्षकों को बर्खास्त करने की तैयारी की थी। 
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इन्हें बर्खास्तगी का नोटिस जारी कर दिया गया था। कई जनपदों में तो इनका वेतन भी रोक लिया गया था। सभी जगह ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार हो गई थी जिनकी बीएड की मार्कशीट एसआईटी की जांच में फर्जी पाई गई है।

शिक्षकों ने कार्रवाई को चुनौती दी। इसमें कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग को उनकी मार्कशीट को फर्जी घोषित करने काअधिकार नहीं है। न ही एसआईटी ऐसा कर सकती है। 

उनका तर्क था कि मार्कशीट विवि ने जारी की है। विवि ने इसे निरस्त नहीं किया है। न ही फर्जी घोषित किया है। इसी पर हाईकोर्ट ने एसआईटी से जवाब मांगा है।

जांच एजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि जल्द ही जवाब दाखिल कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय को यह भी अवगत कराया जाएगा कि फर्जी मार्कशीट को निरस्त करने के लिए विवि के कुलपति को लिखा गया था।
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ये हैं साक्ष्य 

एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। तमाम साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। जो चार हजार मार्कशीट फर्जी पाई गई हैं। उनके बारे में संबंधित कॉलेजों ने भी लिखकर दे दिया है। कालेजों ने बताया है कि ये छात्र उनके यहां नहीं पढ़े। 

सबसे बड़ा साक्ष्य यह है कि 2004 में विवि में बीएड की सीट ही 8000 थी, परीक्षा परिणाम भी इतने का ही घोषित किया गया। बाद में चार्ट में 4000 मार्कशीट का ब्योरा जोड़ा गया, इसके भी साक्ष्य हैं।
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