आगरा में आनलाइन सट्टा कारोबार को शह देने में कई और अधिकारी व कर्मचारियों की मुश्किल बढ़ सकती है। एसटीएफ ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
गुरुवार को एसटीएफ ने मनोरंजन कर विभाग में आनलाइन गेम के लिए जारी लाइसेंसों की पड़ताल की। इससे जुड़ी फाइलें भी खंगाली। अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की।
एसटीएफ टीम ने दोपहर एक बजे के आसपास कलेक्ट्रेट स्थित मनोरंजन कर विभाग के कार्यालय पर धावा बोला। इससे विभागीय कर्मचारी सकते में आ गए। टीम के सदस्यों ने आनलाइन गेम के लाइसेंस से संबंधित फाइलें तलब की।
साथ ही लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और इसकी अनुमति देने में किन-किन अधिकारियों की भूमिका थी, इसके बारे में पूछताछ की।
हालांकि अधिकारी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए कि लंबे समय से दबी आनलाइन गेम आवेदन की फाइलों को अनुमति के लिए अचानक क्यों बाहर निकाला गया।
इससे पहले इस तरह के गेम के लिए किन-किन को अनुमति दी गई और उनकी क्या स्थिति है, इसके बारे में भी पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ को आनलाइन सट्टे से जुड़े कुछ और अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर संदेह है।
इसके लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों मुश्किल बढ़ सकती है। मनोरंजन कर अधिकारी आरडी रावत का कहना है कि एसटीएफ टीम लाइसेंस से जुड़े कागजों की छायाप्रति लेने आए थे, जो उन्हें उपलब्ध करा दिए गए।
कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई तैयारी
आनलाइन सट्टे में एसटीएफ ने मनोरंजन कर विभाग के एक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई थी। उसके खिलाफ साक्ष्य भी था। इसके चलते पिछले दिनों अन्य कई लोगों के साथ उसे भी हिरासत में लिया गया था।
मनोरंजन कर अधिकारी का कहना है कि पूरे घटनाक्रम से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभागीय कर्मचारी पर कार्रवाई की भी तैयारी चल रही है।
आनलाइन सट्टे के खेल में कई सफेदपोश चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। इसके लिए एसटीएफ ने सट्टा कारोबारियों से जुड़े लोगों के मोबाइल की काल डिटेल जुटाई है। इसी के आधार पर टीम ने अपनी जांच शुरू कर दी है।