इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
एसआईटी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि मोटरसाइकिल सवार सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली से टकराए थे। चालक अजय हेलमेट नहीं लगाए था। ट्रॉली मालिक ओमप्रकाश के बयान भी एसआईटी ने दर्ज किए। याचिका में जिस मोटरसाइकिल से टक्कर दर्शाई गई, उसका स्वामी दिलीप कुमार एक अन्य दुर्घटना बीमा याचिका में भी शामिल है।
इस याचिका में भी अधिवक्ता आलोक राजपूत ही थे। एसआईटी जांच में अधिवक्ता, वादी, गवाह और वाहन स्वामी की साजिश ठहराया गया है। आलोक राजपूत की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उनका नाम एफआईआर में नहीं लिखाया गया है।
करोड़ों के फर्जीवाड़े में हाईकोर्ट ने दिया था जांच का आदेश
मामला करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का एक हिस्सा है। हाईकोर्ट ने 2015 में एक मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम पिटीशन व वर्कमैन कंपंसेशन एक्ट के फर्जी क्लेम द्वारा बीमा कंपनियों को करोड़ों रुपये की हानि पहुंचाने संबंधी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठन करने का आदेश दिया था।
सीओ जलेसर इरफान नासिर खां ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसकी विवेचना कर अगली कार्रवाई की जाएगी।