फर्जी शिक्षक नियुक्ति के मामले में एसआईटी फिर से मैनपुरी पहुंच गई है। एसआईटी ने दो स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को तलब कर उनसे फर्जी शिक्षक भर्ती के सरगना के संबंध में जानकारी जुटाई है।
इन स्कूलों से जेल में बंद फर्जी शिक्षक भर्ती के सरगना को कक्षा पांच व आठ की टीसी जारी की गई थी। फर्जी शिक्षक भर्ती मामले की जांच एसआईटी वर्ष 2014 से कर रही है। एसआईटी को वर्ष 2017 में बड़ी सफलता मिली थी।
एसआईटी ने जनपद के दन्नाहार क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी फर्जी शिक्षक संजीव कुमार को लखनऊ से हिरासत में ले लिया था। यह फर्जी शिक्षक अब जेल में है। एसआईटी अब फर्जीवाड़े की जड़ तक जा रही है।
बीएसए ऑफिस पहुंची एसआईटी
आखिर किस स्कूल से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर तक फर्जी शिक्षकों का सहयोग किया जा रहा है। उसकी भी एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी टीम के दो सदस्यों ने जनपद में डेरा जमा रखा है।
शुक्रवार को एसआईटी टीम के सदस्य बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां प्राथमिक विद्यालय बरौली और उच्च प्राथमिक विद्यालय रठेरा के प्रधानाध्यापक को तलब कर लिया गया।
फर्जी शिक्षक संजीव कुमार ने हाईस्कूल कोसमा स्थित एक इंटर कॉलेज से किया है। यहां उसने कक्षा आठ पास की टीसी उच्च प्राथमिक विद्यालय रठेरा से लगाई है। जबकि कक्षा पांच की टीसी प्राथमिक विद्यालय बरौली से लगाई है।
80 शिक्षकों की जानकारी मांगी
संजीव ने कक्षा आठ वर्ष 2005 में पास होना दर्शाया है, जबकि कक्षा पांच वर्ष 2002 में पास होना दर्शाया है। एसआईटी टीम के सदस्यों को दोनों स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने एक सप्ताह में जानकारी देने का भरोसा दिया है।
फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही एसआईटी टीम के सदस्यों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर 80 शिक्षकों के संबंध में भी जरूरी अभिलेख मांगे हैं। लिपिक कमल प्रताप ने सोमवार तक अभिलेख उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
यह है मामला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004 से 2008 तक बीएड करने वाले शिक्षकों की एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी ने प्रदेश भर में पांच हजार शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए हैं।
पूर्व में प्रदेश भर के बेसिक शिक्षाधिकारियों को इस संबंध में फर्जी शिक्षकों की सूची जारी की गई थी। इसमें मैनपुरी के भी 80 शिक्षक शामिल थे। इन शिक्षकों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया था।
इसी बीच हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के कारण ये शिक्षक अभी भी शिक्षण कार्य कर रहे हैं। वहीं, विभागीय सूत्रों की मानें तो एसआईटी टीम फर्जी शिक्षकों को लेकर बड़ा काम कर रही है।
फर्जी शिक्षकों को लेकर कभी भी जनपद में आदेश आ सकता है। टीम के सदस्यों ने भी इस प्रकार के संकेत दिए हैं। हालांकि टीम के सदस्यों ने इस संबंध में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि एसआईटी टीम द्वारा जो भी अभिलेख मांगे जा रहे वह उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आगे शासन और विभाग के जो निर्देश मिलेंगे उनका पालन किया जाएगा।