फर्जी बैनाम कांड में एसआईटी की जांच जारी है। एक बार फिर एसआईटी की टीम सदर तहसील पहुंची। यहां रिकाॅर्ड खंगाला। वहीं, कलक्ट्रेट में बैनामों पर लगने वाली मुहर के अलावा अन्य प्रपत्रों के बारे में जानकारी हासिल की।
आगरा सदर तहसील में फर्जी बैनामों से जमीनों को कब्जाने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मंगलवार को एक बार फिर तहसील सदर पहुंचकर रिकाॅर्ड खंगाला। वहीं, कलक्ट्रेट में बैनामों पर लगने वाली मुहर के अलावा अन्य प्रपत्रों के बारे में जानकारी हासिल की। अब एसआईटी इस मामले में जेल भेजे गए आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर ले सकती है।
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तहसील सदर में फतेहाबाद रोड सहित कई स्थानों पर बेशकीमती जमीनों पर कब्जे के खेल का खुलासा हुआ था। इसमें तहसीलकर्मियों की मिलीभगत सामने आई थी। 21 जनवरी को शाहगंज थाने में नामजद 11 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचित प्रपत्र तैयार करने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस गिरोह के प्रशांत शर्मा, अजय सिसौदिया और सेवानिवृत्त रिकाॅर्ड कीपर देवदत्त शर्मा समेत आठ लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।
एसआइटी ने तहसील के रिकाॅर्ड रूम से जिल्द बही से कई साक्ष्य जुटाए हैं। पुराने रिकाॅर्ड को देखने के लिए पुलिस ने निबंधन विभाग को नोटिस जारी किया है। छानबीन में सामने आया कि रिकाॅर्ड रूम हर महीने निरीक्षण किया जाता है। रिकाॅर्ड रूम में रखे रजिस्टर में निरीक्षण में जिल्द बही के दीमक आदि से सुरक्षित होने की बात लिखी जाती है।
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एसआईटी टीम उक्त रजिस्टर की जांच करेगी, जिससे यह पता लग सकेगा कि रिकाॅर्ड रूम का निरीक्षण कब और कितनी बार किया गया था। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि फर्जी बैनामाें से संबंधित आने वाली शिकायतों की जांच कराई जा रही है। जिसे विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा।