बाह। जरार कस्बे के रहने वाले रेलवे कर्मी प्रहलाद बघेल के घर राखी से पहले ही मातम पसर गया। उनके इकलौते बेटे संतोष कुमार (32) ने सोमवार की शाम कमरे में बंद होकर फंदे से लटककर जान दे दी। उसे ऐसा करते देख दरवाजे के बाहर खड़ी उसकी बहन चीखती रही। रक्षाबंधन पर किसे राखी बांधेंगी? इसकी भी दुहाई देती रही। हालांकि चीखें सुनकर जब तक अन्य लोग जुटते और दरवाजा तोड़ते संतोष की सांसें थम चुकी थीं।
जरार निवासी प्रहलाद बघेल रेलवे में कार्यरत हैं। उनका इकलौता बेटा संतोष पत्नी पिंकी, बेटों करन (7), अर्जुन (5),कृष्णा (3), ध्रुव (1) के साथ रहता था। परिवारीजनों के मुताबिक संतोष शराब पीने का आदी था। जिसकी वजह से घर में कहासुनी होती रहती थी।
इधर, सोमवार की शाम पिंकी भैंस दुहने के लिए गई थी। तभी संतोष घर आया और यह आत्मघाती कदम उठा लिया। युवक की मौत से पत्नी और बहनें रो रो कर बेहाल हैं। बहनें पुष्पा, रानी तो भाई का शव देखते ही बेसुध हो गईं। बेहोशी टूटने पर यही बोल रही थीं कि अब वे किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी।