भाजपा नेता राकेश कुशवाह की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बहन-बहनोई ने भाजपा नेता को मारने के लिए शूटर्स भेजे थे। ट्रांसपोर्ट नगर में मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में बदमाशों ने कई खुलासे किए।
आगरा के विजय नगर में भाजपा नेता राकेश कुशवाह की हत्या की साजिश उनकी बहन और बहनोई ने संपत्ति विवाद में रची थी। बहनोई ने शूटर्स को किराये पर कमरा और बाइक भी दिलवाई थी। सीसीटीवी कैमरों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने 4 आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दो बदमाशों को गोली लगी है।
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आरोपियों से दो तमंचे और हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है। हरीपर्वत क्षेत्र में नगला धनी निवासी राकेश कुशवाह भाजपा में सामाजिक न्याय मोर्चा के पूर्व ब्रज क्षेत्र मंत्री हैं। 16 अगस्त को दोपहर 2 बजे वे घर के बाहर अपनी आटा चक्की में काम करा रहे थे। तभी बाइक सवार युवक पहुंचे और एक युवक ने तमंचे से उन पर गोलियां चलाईं। दो गोली उनके हाथ में लगी थीं। अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि भाजपा नेता पर जानलेवा हमले के बाद पुलिस ने उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग चेक की। हमलावरों के फुटेज मिल गए। आपरेशन दृष्टि के तहत लगवाए गए अन्य सीसीटीवी कैमरों से भी सुराग मिला। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली।
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शनिवार देर रात शूटर्स के ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जाने की सूचना मिली थी। थाना हरीपर्वत पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर में घेराबंदी की। आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायर किए। जवाबी फायरिंग में 2 बदमाशों के पैरों में गोली लगी। घायलों में सिकंदराराऊ, हाथरस के गांव महमूदपुर निवासी सनी और कृष्णा उर्फ कन्हैया हैं। तीसरे साथी शिवा को भी मौके से ही गिरफ्तार किया गया। रेकी में सहयोग करने वाला जगदीशपुरा के नगला गूलर निवासी अजय को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी सिटी ने बताया कि कृष्णा की दूर की रिश्तेदारी राकेश के बहनोई एत्माद्दौला के नगला किशनलाल निवासी रामकुमार से है। बहन हेमलता और उसके पति रामकुमार से राकेश का एक स्कूल व अन्य संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के कारण रामकुमार और हेमलता ने राकेश की हत्या की सुपारी दी थी। कृष्णा, सनी और शिवा को उन्होंने दो-दो लाख रुपये देने का ऑफर दिया था। 27,500 रुपये जमा कराके कृष्णा को किस्तों पर बाइक दिलवा दी थी।
किराये पर रहकर की रेकी
तीनों आरोपियों ने एक माह पहले यहां आकर किराये पर कमरा लिया था। कृष्णा ने अपने फुफेरे भाई अजय की रेकी में मदद ली। 4-5 दिन रेकी करने के बाद 16 अगस्त को कृष्णा और सनी दोनों बाइक से राकेश के घर के बाहर पहुंचे। कृष्णा बाइक लेकर खड़ा रहा। सनी ने दोनों हाथ से तमंचों से गोली चलाई। इसके बाद सभी आरोपित कमरा खाली करके चले गए थे। शनिवार रात को वे रकम लेने गुरु का ताल गुरुद्वारा के पास जा रहे थे।
पिता की हत्या में जेल गई थीं दो बहनें
राकेश के पिता मथुरा प्रसाद की वर्ष 2016 में चाकू से गोदकर घर में ही हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने मथुरा प्रसाद की बेटियों को ही हत्या की साजिश के आरोप में जेल भेजा था। हत्याकांड के बाद से ही राकेश की बहनों से संपत्ति के लिए रंजिश चल रही है। तीसरी बहन हेमलता से भी जलेसर रोड पर स्थित एक स्कूल को लेकर विवाद चल रहा था।