आगरा। भाजपा नेताओं को सार्वजनिक तौर पर संबोधित करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने ब्रज क्षेत्र के पदाधिकारियों की बैठक ली। एसआईआर को लेकर चिंता जताई और नए मतदाताओं को जोड़ने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी मंडलों में बूथवार रजिस्टर बनाकर छूटे नामों को दर्ज करें।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर के भरोसे न रहें, बल्कि घर-घर दस्तक देकर बूथवार जानकारी जुटाएं। ऐसे मतदाताओं को नए मतदाता के रूप में जोड़ने के लिए अभी से फॉर्म भरवाएं। लक्ष्य दिया कि अगले पंद्रह दिन में यह काम कर लिया जाए ताकि नए साल में जैसे ही मतदाता जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो तो ऐसे मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ना सुनिश्चित किया जा सके। एसआईआर में शहरी क्षेत्रों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता पर नाराजगी भी व्यक्त की। दरअसल, पार्टी के शीर्ष स्तर से निर्देश के बाद भी आगरा में करीब 8.50 लाख मतदाताओं के नाम कटने की नौबत आ गई है। इसमें सबसे ज्यादा शहरी क्षेत्र के मतदाता हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के अलावा सांसद खेल प्रतियोगिता को गंभीरता से लेने समेत अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
जगह-जगह कार्यकर्ताओं-नेताओं ने किया स्वागत
मथुरा में बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने के बाद आगरा पहुंचे नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष का पार्टी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह स्वागत किया। आगरा-मथुरा बॉर्डर पर सींगना गांव के पास ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, श्याम भदौरिया, राकेश मिश्रा, उपेंद्र सिंह आदि ने और धाकरान में एमएलसी विजय शिवहरे के नेतृत्व में बुलडोजरों से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। सिकंदरा में महानगर अध्यक्ष राज कुमार गुप्ता, पार्षद मुरारी लाल गोयल, पंकज पाठक आदि ने स्वागत किया। इसके अलावा अन्य जगहों पर पार्षद श्रीराम धाकड़, नितेश शिवहरे, ललित चतुर्वेदी, सुमित उपाध्याय, निधि पाठक ने स्वागत किया।
सिकंदरा में भिड़े कार्यकर्ता, कई की जेब कटी
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के स्वागत में अव्यवस्था फैली रही। सिकंदरा में मंच पर चढ़ने को लेकर दो कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं, सदर में अध्यक्ष तक पहुंचने की होड़ में मंच पर कार्यकर्ताओं में धक्कामुक्की हुई। स्वागत कार्यक्रमों में 25 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की जेब कटने की घटनाएं सामने आईं। कुछ ने पुलिस से शिकायत भी की है।