मथुरा में सिंगल यूज प्लास्टिक से ईंधन बनाने वाला प्लांट भी अटकता नजर आ रहा है। सांसद हेमा मालिनी ने दो माह पहले दो अक्तूबर को इसका शुभारंभ किया था। प्लांट अब तक शुरू नहीं हो सका है।
प्लांट के शुरू न होने की सूचना पर सोमवार को जिलाधिकारी तथा नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे। प्लांट बंद मिलने पर उन्होंने मैनेजर को इसे शुरू करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है।
जमुनापार स्थित डंपिंग ग्राउंड के पास लगे प्लांट पर सोमवार की दोपहर जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र तथा नगर आयुक्त रविंद्र मांदड़ निरीक्षण करने पहुंचे। उन्हें प्लांट बंद मिला। इस पर जिलाधिकारी नाराजगी जाहिर की।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने मैनेजर अमरनाथ से बात की। निर्देश दिए कि पांच दिन में प्लांट को शुरू करा दें। यदि प्लांट प्रारंभ नहीं हुआ तो अनुबंध के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्लाटिक के लिए मोहताज कंपनी
जिस समय प्लांट तैयार हो रहा था निगम अधिकारियों द्वारा बताया गया था कि इस प्लांट से महानगर की सारी पॉलिथीन खप जाएगी। वहीं, अब कंपनी के अधिकारी कह रहे हैं कि इस प्लास्टिक से उनका काम नहीं चल पाएगा।
इसके चलते शासन ने नगर पंचायतों को भी प्लास्टिक इसी प्लांट को देने को कहा है। प्लांट के मैनेजर अमरनाथ के अनुसार अभी करीब सात दिन तक प्लांट प्रारंभ नहीं हो सकेगा।
जिस कूड़ा कंपनी एसवीएम को महानगर के कूड़े से प्लास्टिक तथा अन्य सामग्री को अलग करने को कहा गया था, वो कंपनी कूड़े से प्लास्टिक को अलग नहीं कर रही है। बल्कि उसके द्वारा इस प्लास्टिक को साथ मिलाकर कूड़े का ढेर बनाया जा रहा है। इससे एक तरफ प्लास्टिक से ईंधन बनाने वाले प्लांट को प्लास्टिक नहीं मिल पा रहा, वहीं दूसरा कूड़े का ढेर लग रहा है।
आगरा निगम भी देगा प्लास्टिक
मथुरा निगम द्वारा प्लांट के लिए कम प्लास्टिक होने की जानकारी शासन को भी दी है। इसके चलते शासन ने नगर पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने यहां का प्लास्टिक भी इसी प्लांट को भिजवाएं। जानकारी के मुताबिक आगरा नगर निगम भी इस प्लांट को अपने यहां का प्लास्टिक देने जा रहा है।
प्लांट प्रारंभ नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि यदि प्लांट पांच दिन के अंदर प्रारंभ नहीं हुआ तो अनुबंध के अनुसार कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्लास्टिक जुटाना कंपनी की जिम्मेदारी है।