सिम का काला कारोबार के मामले में सिम डीलर व विक्रेता भी पुलिस के रडार पर हैं। दुबई और थाईलैंड तक इनका नेटवर्क है। एक दिन पहले पुलिस ने 420 चालू सिम बरामद किए हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा से दुबई और थाईलैंड में ठगी का नेटवर्क चलाने के मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। अब साइबर सेल के रडार पर सिम डीलर और विक्रेता भी हैं। फर्जीवाड़ा कर लोगों की बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कर सिम जारी किए जा रहे थे। इसके बाद उन्हें साइबर ठगों तक पहुंचाया जाता था।
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सिम से खाते और ई-वालेट बनाए जाते थे। पुलिस को आरोपियों से 420 सिम मिले थे। इनसे डीलर और विक्रेताओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इनकी गिरफ्तारी के बाद यह पता किया जाएगा कि यह काम कब से चल रहा था। इसमें कौन-कौन सम्मिलित हैं।
किरावली पुलिस और साइबर सेल ने सोमवार को महुअर कट से सिम की सप्लाई करने वाले गिरोह को पकड़ा था। इनमें किरावली के मोहल्ला पठान निवासी शाहरुख, इंदौर के भालया कालोनी निवासी गौतम व उसकी पत्नी, हरियाणा के नूंह निवासी तौहीद खान व उसकी पत्नी, फतेहपुर सीकरी के रोहित कुरैशी, शहबाज खान व उसकी पत्नी, एत्माद्दौला स्थित दुर्गा नगर निवासी दुर्गेश कुमार और काजीपाड़ा निवासी आदित्य शामिल थे।
पुलिस ने आरोपियों से आरोपियों से चालू किए गए 420 सिम कार्ड, 7 मोबाइल, 7 बाइक, 2 पासपोर्ट, 7 क्यूआर कोड, 8 बैंक पासबुक, 45 चेकबुक, 54 डेबिट कार्ड, 4 पीओएस मशीन बरामद की थीं। डीसीपी पश्चिमी जोन सोनम कुमार ने बताया कि सिम डीलर और विक्रेताओं से खरीदी गई होंगी। सिम के नंबर से डीलर और विक्रेता के बारे में पता किया जा रहा है। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। कड़ी से कड़ी को जोड़कर कार्रवाई होगी।
सिम बेचकर होने वाले फर्जीवाड़े की प्रत्येक परत को खोला जाएगा। जिन खातों में रकम जमा हो रही थी, उनके बारे में पता किया जा रहा है। यह पता किया जा रहा है कि कब खातों में रकम आई। कितनी रकम को निकाला गया। कितनी रकम विदेश ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। इस सब की जानकारी बैंकों से ली जाएगी। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है।
एयरपोर्ट पर चेकिंग में क्यों नहीं पकड़े जाते थे सिम
डीसीपी ने बताया कि बड़ी मात्रा में सिम को दुबई और थाईलैंड पहुंचाया जाता था। ऐसे में सवाल उठता है कि एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान सिम क्यों नहीं पकड़े गए। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा, जिससे गड़बड़ी को पकड़ा जा सके।
पुलिस को गिरफ्तार आरोपी शहबाज और उसकी पत्नी का पासपोर्ट भी मिला है। शहबाज दो बार दुबई गया था। वहां पर शानू को सिम देकर आया था। अब पुलिस शहबाज, उसकी पत्नी और शानू के पासपोर्ट को निरस्त कराएगी। इसके लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद शानू को भी भारत लाया जाएगा।