सट्टा किंग श्याम बोहरा (फाइल फोटो)
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सट्टा किंग श्याम बोहरा दिवाली से पहले जेल से बाहर आ गया। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट से राहत मिलने पर रिहाई हो सकी। अब वह दिवाली बाहर मनाएगा।
पार्श्वनाथ पंचवटी कालोनी निवासी श्याम बोहरा को आठ जुलाई को छत्ता पुलिस ने पकड़ा था। 10 जुलाई को पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। इस दौरान उसके खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। छत्ता पुलिस ने गैंगेस्टर भी लगाया था। उसकी पत्नी को आरोपी बनाया गया था।
वह पहले नोएडा में भी पकड़ा जा चुका है। वहां से भी पुलिस ने गैंगेस्टर लगाया था। वर्ष 2009 में थाना ताजगंज के मुकदमे में श्याम बोहरा का नाम निकाल दिया गया। एसएसपी ने पुन: जांच कराई। इसके बाद उसका गैंगेस्टर में वारंट बनवा दिया गया। श्याम बोहरा की ओर से सभी मुकदमों में जमानत के लिए हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था।
हाईकोर्ट में अधिवक्ता शिशुपाल कसाना और सत्यप्रकाश सिंह ने पैरवी की। उनके मुताबिक, हाईकोर्ट में पुलिस की एक दलील काम नहीं आई। उनकी तरफ से ठोस पैरवी की गई। कोर्ट ने इसी आधार पर सभी मुकदमों में जमानत स्वीकार की है। शनिवार को श्याम बोहरा की जिला जेल से रिहाई हो गई। उधर, पुलिस का कहना है कि गैंगेस्टर के मुकदमे में संपत्ति जब्त की कार्रवाई शेष है। पुलिस ने बोहरा की कई संपत्ति चिह्नित कर ली हैं। उसकी पत्नी की भी संपत्ति हैं। उन्हें संपत्ति के कागजात पुलिस को दिखाने होंगे।
चर्चा है कि जेल से बाहर आते ही उसके साथी भी सक्रिय हो गए। उन्होंने श्याम बोहरा को सलाह दी कि शहर छोड़ दे। क्योंकि पुलिस फिर से किसी दूसरे मामले में उसे पकड़ सकती है। इस पर वह बाहर चला गया।