8 अप्रैल 2014 की तपती दोपहरी। खुली जीप। सिर पर पल्लू। आंखों पर काला चश्मा। बैंगनी रंग की साड़ी में जब ‘रूप की रानी’ कस्बों से होती हुई गांवों की गलियों से गुजरी तो सब हवाहवाई हो गए। छतें, महिला और बच्चों से अट गईं और गलियां युवाओं से भर गईं।
हर कोई ‘चांदनी’ की एक झलक पाने को बेताब था। लू के थपेड़ों से लाल पड़ी मशहूर अदाकारा श्रीदेवी की उस दिन की यादें फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के लोगों के जेहन में आज भी तरोताजा हैं।
दिवंगत श्रीदेवी का आगरा में कम ही आना रहा। मगर, उनके निधन की खबर सुनकर उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। सहज कोई यकीन नहीं कर पा रहा था कि अपने अभिनय के दम पर दिलों पर राज करने वाली श्रीदेवी नहीं रहीं।
वह आखिरी बार 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-रालोद प्रत्याशी अमर सिंह के रोड शो के लिए अपने पति और निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर के साथ आई थीं। उन्होंने इटौरा, ककुआ, बाद, सैंया, इरादतनगर, सैंया, धीमश्री और फतेहाबाद में रोड शो किया था।
श्रीदेवी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच रास्ते में पड़ने वाले तमाम गांवों में भी वह अमर सिंह के लिए वोट मांगने गईं। लोगों के दिलों पर उनका जादू इस कदर छाया कि तमाम युवा श्रीदेवी को एक नजर देखने के लिए अपनी बाइकों से कई किमी तक उनके काफिले के पीछे दौड़े थे। रास्ते जाम हो गए थे।
इस बीच कोई चांदनी के साथ सेल्फी लेने को बेताब दिखा था तो कोई ऑटोग्राफ लेने को। उन्होंने भी अपने अधिकांश प्रशंसकों को निराश नहीं किया। मगर, शाम होते-होते वह बेहाल हो गई थीं। कड़ी धूप ने श्रीदेवी की तबियत बिगाड़ दी थी। इसके चलते उन्हें फतेहाबाद में ही अपना रोड शो खत्म रना पड़ा था।
इरादतनगर में हुई शोकसभा
रोड शो के दौरान दोपहर में हालत बिगड़ने पर श्रीदेवी इरादतनगर में एक व्यक्ति के यहां कुछ देर के लिए रुकी थीं। थोड़ी देर आराम करने के साथ ही उन्होंने उनके यहां भोजन भी किया था।
रविवार को उनके निधन की खबर सुनकर ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने उसी घर में शोकसभा आयोजित कर श्रीदेवी को श्रद्धांजलि दी, जहां वह रुकी थीं।