आगरा के श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल को दमघोंटू मॉकड्रिल की जांच कर रही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जांच समिति को मरीजों ने कई अहम जानकारी दी हैं, इसमें मरीजों के परिजनों ने बताया कि सुबह सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे। एक-दो परिजन मोबाइल से वीडियो बना रहे थे तो स्टाफ ने बंद करवा दिया। इन बयानों को जांच रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है।
जांच समिति के सदस्यों ने बताया कि डॉ. अरिन्जय जैन की ओर से मिली 91 मरीजों की सूची में मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत में 26 अप्रैल को मॉकड्रिल के बारे में पूछा गया। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे करीब साढ़े दस बजे बंद कर दिए गए थे। एक-दो परिजन मोबाइल से अस्पताल और सीसीटीवी कैमरे का वीडियो बना रहे थे, इस पर स्टाफ ने उनके मोबाइल बंद करा दिया। अगर अंदर कुछ मॉकड्रिल हो भी रही हो तो बाहर से कोई पता नहीं चल सकता। मालवीय कुंज की मृतका मीरा ग्रोवर की भाभी गीता ग्रोवर ने बताया कि अस्पताल में सुबह से शाम तक अफरा-तफरी रही। कोई कुछ जानकारी नहीं दे रहा था। स्टाफ के होश उड़े हुए थे। देर शाम से अस्पताल से शव परिजनों का सौंपना शुरू किया। 26 अप्रैल को मेरी ननद की भी इसी अस्पताल में मौत हुई थी।
26 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में हुई है मौत तो करें फोन
आईएमए की जांच समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने कहा कि आईएमए 26 अप्रैल को मॉकड्रिल की सत्यता से जांच कर रही है। अभी 10 लोगों ने ही अस्पताल में मौत की बात कही है। अगर इसके अलावा किसी और मरीज की मौत इस दिन अस्पताल में हुई है तो 9837020263 पर फोन कर जानकारी दे सकते हैं। दो दिन के बाद समिति फाइनल रिपोर्ट बना देगी।
डेढ़ घंटे की बैठक में रिपोर्ट तैयार करने पर हुई चर्चा
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि बुधवार को लभगग दस दिन बाद वर्चुअल बैठक में जांच रिपोर्ट तैयार करने पर चर्चा हुई। मरीजों से बातचीत, 26 अप्रैल को अस्पताल के माहौल और मृतकों के परिजनों की जानकारी पर रिपोर्ट बनाई जा रही है।
श्री पारस अस्पताल प्रकरण: मरीजों के परिजनों ने बताई खौफनाक दिन की दास्तां, 'देर रात तक निकलते रहे शव'