एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि पक्षकार बार-बार विधिक प्रक्रिया से अलग तरह-तरह के प्रार्थना पत्र देते रहते हैं। एडीजे सप्तम द्वारा दिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। पक्षकार दिनेश शर्मा ने बताया कि हमने यह रिवीजन जून के अवकाश के कारण डाला था। इसलिए अदालत ने यह कहते हुए रिवीजन अस्वीकार कर दिया कि इसकी सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ही करेगी।
नारायणी सेना के केस में आठ अगस्त को सुनवाई
नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव के केस में गुरुवार को अदालत में सुनवाई के दौरान प्रतिवादीगण ने दावे से संबंधित कागजात मांगे। अदालत ने पक्षकार को दो दिन के अंदर सभी प्रतिवादीगणों को प्रपत्र उपलब्ध कराने को कहा है। जबकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने भी अदालत में कुछ कागजात दाखिल किए हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि जिस संपत्ति के संबंध में वाद दाखिल किया गया है उस संपत्ति पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट का नाम राजस्व अभिलेख, नगर पालिका परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज है।
पक्षकार के अधिवक्ता सुरजीत सिंह ने बताया कि अदालत द्वारा इस केस में आठ अगस्त की तारीख तय की गई है। जबकि शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि केस में प्रतिवादीगण को पूरे प्रपत्र नहीं मिले थे जिसके चलते अदालत ने सभी प्रपत्र दो दिन के अंदर उपलब्ध कराने को कहा है।