लखनऊ हाईकोर्ट बेंच के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह और लॉ की छात्राएं नीलम सिंह, दिव्या निरंजन, उपासना सिंह, साधना सिंह की ओर से मथुरा के जिला जज की अदालत में सीपीसी 92 के तहत दाखिल अर्जी पर एडीजे सप्तम की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। अधिवक्ताओं ने कहा था कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े सभी दावों को एक कर दिया जाए। अदालत ने प्रार्थना पत्र में लिखे गए कई बिंदुओं पर सवाल करते हुए उसे अधूरा बताया। वादी पक्ष को निर्देश दिया कि अर्जी में दर्ज अधूरे बिंदुओं को पूरा करें, इसके बाद ही उस पर आगामी 15 जुलाई को सुनवाई होगी।
अधिवक्ता अदीश चंद अग्रवाल ने बताया कि जन्मस्थान सेवा समिति और जन्मस्थान ट्रस्ट को किसी भी तरह के समझौते का अधिकार नहीं है। इसके बाद भी ट्रस्ट ने समझौता कैसे कर लिया। हमारी ओर से जो अर्जी दाखिल की गई है, उसमें भी हमने सभी केसों को एक करने संबंधी मामले को भी उठाया है। अदालत ने 15 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अदालत ने पहले इस मामले में सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी लेकिन 16 जुलाई को शनिवार है और इस दिन अधिवक्ताओं का नो वर्क रहता है। इस कारण इसे परिवर्तित कर सुनवाई के लिए 15 जुलाई निर्धारित की है।